Maharashtra: मुंबई और अन्य शहरों के प्रोफेसर और प्राइवेट यूनिवर्सिटीज अब ठगों के निशाने पर हैं। जालसाज खुद को बड़े IIT का हिस्सा बताकर करीब आते हैं और सरकारी ग्रांट दिलाने का लालच देते हैं। यह धोखाधड़ी इतनी शातिर है कि प
Maharashtra: मुंबई और अन्य शहरों के प्रोफेसर और प्राइवेट यूनिवर्सिटीज अब ठगों के निशाने पर हैं। जालसाज खुद को बड़े IIT का हिस्सा बताकर करीब आते हैं और सरकारी ग्रांट दिलाने का लालच देते हैं। यह धोखाधड़ी इतनी शातिर है कि पढ़े-लिखे लोग भी इसमें फंस सकते हैं।
ठग कैसे कर रहे हैं प्रोफेसरों को टारगेट
धोखेबाज लोग प्रोफेसरों से संपर्क करते हैं और दावा करते हैं कि वे Anusandhan National Research Foundation (ANRF) के साथ मिलकर किसी बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। वे इस प्रोजेक्ट में पार्टनर बनने का ऑफर देते हैं और फंड अनलॉक करने के लिए कुछ पैसे एडवांस में मांगते हैं। ये पैसे अक्सर एक escrow account के जरिए मांगे जाते हैं और जल्दबाजी दिखाने के लिए वीकेंड की डेडलाइन तय कर दी जाती है।
इन बड़े अधिकारियों ने दी चेतावनी
ICT Mumbai के पूर्व कुलपति G. D. Yadav ने इस फ्रॉड के बारे में अलर्ट जारी किया है। उन्होंने साफ कहा कि कोई भी असली IIT या ANRF प्रोसेस ग्रांट या पार्टनरशिप के लिए एडवांस पेमेंट नहीं मांगता। वहीं, BITS-Pilani के ग्रुप कुलपति V. Ramgopal Rao को भी ऐसा ही मैसेज मिला था। उनसे 24 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट की बात की गई, लेकिन जब उन्होंने आधिकारिक ईमेल से मैसेज भेजने को कहा, तो ठग गायब हो गया।
सावधान रहने के लिए क्या करें
- किसी भी अनजान व्यक्ति को सरकारी ग्रांट के नाम पर एडवांस पैसे न भेजें।
- प्रोजेक्ट की जानकारी के लिए केवल आधिकारिक ईमेल और चैनल का ही इस्तेमाल करें।
- अगर कोई व्यक्ति जल्दबाजी में पैसे मांगे, तो तुरंत सतर्क हो जाएं।
- ANRF केवल संस्थानों के साथ पार्टनरशिप करता है और इसमें कोई व्यक्तिगत भुगतान नहीं होता।