Maharashtra में होटल और रेस्टोरेंट के खिलाफ FDA की कार्रवाई पर विवाद, इंडस्ट्री बॉडीज ने नाम सार्वजनिक न करने की मांग की
Maharashtra: राज्य में खाने-पीने की दुकानों और होटलों में फूड सेफ्टी चेक करने वाली महाराष्ट्र FDA की कार्रवाई अब विवादों में घिर गई है। तीन बड़ी हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री बॉडीज ने सरकार से अपील की है कि जब तक कानूनी प्रक्रि
Maharashtra: राज्य में खाने-पीने की दुकानों और होटलों में फूड सेफ्टी चेक करने वाली महाराष्ट्र FDA की कार्रवाई अब विवादों में घिर गई है। तीन बड़ी हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री बॉडीज ने सरकार से अपील की है कि जब तक कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक दोषी बताए गए रेस्टोरेंट्स के नाम सार्वजनिक न किए जाएं। उनका कहना है कि बिना जांच पूरी हुए नाम उजागर करने से बिजनेस और नौकरियों पर बुरा असर पड़ता है और ग्राहकों का भरोसा कम होता है।
यह मांग Hotel and Restaurant Association (Western India) (HRAWI), National Restaurant Association of India (NRAI) और Indian Hotel and Restaurant Association (AHAR) ने गुरुवार, 30 जुलाई 2026 को की। इन संस्थाओं का कहना है कि वे फूड सेफ्टी सुधारने का समर्थन करते हैं, लेकिन FDA को पहले ‘इम्प्रूवमेंट नोटिस’ देना चाहिए। उनका मानना है कि केवल शुरुआती निरीक्षण के आधार पर किसी होटल की फोटो या वीडियो जारी करना गलत है।
इस पूरे मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी एक सख्त रुख अपनाया है। बुधवार, 29 जुलाई को कोर्ट ने नवी मुंबई के एक फोर-स्टार होटल (Park Inn by Radisson) का लाइसेंस सस्पेंड करने के FDA के फैसले को रद्द कर दिया। एक्टिंग चीफ जस्टिस रवींद्र घुगे और जस्टिस गौतम अंखाड ने कहा कि छोटी गलतियों, जैसे सिर्फ दो कीड़े मिलने पर तुरंत लाइसेंस रद्द करना सही नहीं है, खासकर तब जब होटल का कम्प्लायंस स्कोर 95% हो। कोर्ट ने सरकार से यह भी पूछा कि क्या सरकारी और अर्ध-सरकारी कैंटीन में भी इसी तरह की जांच होती है।
दूसरी तरफ, महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने अपनी कार्रवाई का बचाव किया है। उन्होंने साफ कहा कि उनका मकसद सभी नागरिकों को सुरक्षित खाना देना है, चाहे वह ब्रांडेड होटल हो या छोटा रेस्टोरेंट। मुंडे के मुताबिक, लाइसेंस सस्पेंशन एक अस्थायी कदम है और बिजनेस को कमियां सुधारने के लिए दो हफ्ते का समय दिया जाता है।
हालिया कार्रवाई की चपेट में कई बड़े नाम आए हैं। इनमें नूर मोहममदी होटल, रहमानिया रेस्टोरेंट, शालिमार हॉस्पिटैलिटी और मुंबई के कई नामी क्लब जैसे CCI, विलिंगडन स्पोर्ट्स क्लब और गोरेगांव स्पोर्ट्स क्लब शामिल हैं। वहीं, हाई कोर्ट परिसर में स्थित बॉम्बे बार एसोसिएशन की कैंटीन ने FDA विजिट के बाद अपनी सेवाएं खुद ही अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। हाई कोर्ट ने अब राज्य सरकार से सभी सरकारी और निजी संस्थानों में हुई जांचों की डिटेल 31 जुलाई तक मांगी है।