Maharashtra में पेपर लीक और परीक्षा धांधली पर सरकार सख्त, 23 फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेंगे 203 केस

Maharashtra: राज्य में परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों और पेपर लीक के खिलाफ सरकार ने अब बड़ा कदम उठाया है। महाराष्ट्र में 203 ऐसे मामलों की पहचान की गई है जिन्हें अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाएगा। इसके लिए राज्य भ

Maharashtra: राज्य में परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों और पेपर लीक के खिलाफ सरकार ने अब बड़ा कदम उठाया है। महाराष्ट्र में 203 ऐसे मामलों की पहचान की गई है जिन्हें अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाएगा। इसके लिए राज्य भर में 23 विशेष अदालतें बनाई गई हैं ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके।

बॉम्बे हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस रवींद्र घुगे ने 31 जुलाई 2026 को इन विशेष अदालतों को मंजूरी दी। इससे पहले 24 जुलाई को औरंगाबाद (छत्रपति संभाजीनगर) और नागपुर में दो कोर्ट तय किए गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश और केंद्रीय कानून मंत्रालय की गाइडलाइंस के बाद यह फैसला लिया गया है। इन अदालतों के जज को निर्देश दिया गया है कि चार्जशीट दाखिल होने के तीन महीने के भीतर केस का फैसला सुनाया जाए।

खास बात यह है कि इन कोर्ट्स में सिर्फ पेपर लीक के केस ही नहीं, बल्कि बोर्ड परीक्षाओं और सरकारी भर्ती परीक्षाओं में हुई अन्य गड़बड़ियों की सुनवाई भी होगी। इसमें केंद्र सरकार का 2024 का कानून और महाराष्ट्र का 1982 का एक्ट दोनों लागू होंगे। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।

इन मामलों में कई पुराने और नए केस शामिल हैं। सबसे पुराना मामला साल 2002 का है, जो MPSC की पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती में भ्रष्टाचार से जुड़ा है और फिलहाल मुंबई कोर्ट में लंबित है। वहीं नागपुर की स्पेशल कोर्ट में काम शुरू हो चुका है और वहां 11 मामले दर्ज किए गए हैं।

हाल ही में MHT-CET परीक्षा में भी गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई थीं। CET Cell ने साइबर सेल और आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है कि कुछ छात्रों के बोर्ड एग्जाम में कम नंबर थे लेकिन CET में उनके परसेंटाइल बहुत ज्यादा थे। इसके अलावा MPSC ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती में भी पेपर लीक के आरोप लगे हैं, जिसकी वजह से 488 उम्मीदवारों की मेरिट लिस्ट रोक दी गई है। हालांकि MPSC का कहना है कि उन्हें पेपर लीक का कोई सबूत नहीं मिला है और मामला पुलिस को सौंप दिया गया है।