Maharashtra : मुंबई की चंदिवली सीट से चुनाव हारने के बाद कांग्रेस नेता Arif Naseem Khan एक बार फिर चर्चा में हैं। उन्होंने 2024 के विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल हुई EVM की जांच के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
Maharashtra : मुंबई की चंदिवली सीट से चुनाव हारने के बाद कांग्रेस नेता Arif Naseem Khan एक बार फिर चर्चा में हैं। उन्होंने 2024 के विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल हुई EVM की जांच के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट के आदेश के बाद मशीनों की जांच शुरू तो हुई, लेकिन चुनाव आयोग और कांग्रेस नेता के बीच मतभेद के कारण यह प्रक्रिया बीच में ही रुक गई है।
EVM की जांच क्यों रुकी और क्या है विवाद
बॉम्बे हाई कोर्ट ने 20 चुनी हुई EVM मशीनों के डायग्नोस्टिक चेक की अनुमति दी थी। यह प्रक्रिया 16 अप्रैल 2026 को बोरीवली, मुंबई में शुरू हुई। Arif Naseem Khan का कहना है कि चुनाव आयोग सिर्फ मशीनों को चालू करके दिखा रहा है, जबकि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक माइक्रो कंट्रोलर की मेमोरी और प्रोग्राम डेटा की गहराई से जांच चाहते हैं। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में बहस हुई और जांच रुक गई।
चुनाव आयोग और अधिकारियों का क्या कहना है
मुख्य निर्वाचन अधिकारी S. Chockalingam ने बताया कि Arif Naseem Khan ने खुद डायग्नोस्टिक चेक का विकल्प चुना था, जिसमें मशीन की तैयारी जांची जाती है। अधिकारियों का दावा है कि खान ने प्रक्रिया को पूरा नहीं होने दिया। आयोग ने यह भी साफ किया कि महाराष्ट्र में पहले भी 17 अन्य उम्मीदवारों के लिए ऐसी जांच की जा चुकी है और जुलाई 2025 में EVM को पूरी तरह ‘टैम्पर-प्रूफ’ घोषित किया गया था।
अब आगे क्या होगा
Arif Naseem Khan ने चुनाव आयोग को एक औपचारिक पत्र भेजा है और मांग की है कि जांच सही तरीके से और पारदर्शी होनी चाहिए। उन्हें अगले दो हफ्तों में आयोग से जवाब मिलने की उम्मीद है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर सही प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ, तो वह इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।
| मुख्य विवरण |
जानकारी |
| मामला |
EVM डायग्नोस्टिक चेक |
| संबंधित नेता |
Arif Naseem Khan (कांग्रेस) |
| सीट |
चंदिवली, मुंबई |
| कोर्ट |
बॉम्बे हाई कोर्ट |
| जांच की तारीख |
16-17 अप्रैल 2026 |
| विवाद का कारण |
जांच के तरीके पर असहमति |