Maharashtra: राज्य में बिजली इस्तेमाल करने का पुराना तरीका अब बदल गया है। पहले रात के समय बिजली की मांग कम हो जाती थी, लेकिन अब AC के बढ़ते इस्तेमाल और भीषण गर्मी की वजह से रात में भी डिमांड हाई बनी रहती है। इससे बिजली ग
Maharashtra: राज्य में बिजली इस्तेमाल करने का पुराना तरीका अब बदल गया है। पहले रात के समय बिजली की मांग कम हो जाती थी, लेकिन अब AC के बढ़ते इस्तेमाल और भीषण गर्मी की वजह से रात में भी डिमांड हाई बनी रहती है। इससे बिजली ग्रिड और इंफ्रास्ट्रक्चर पर दबाव बढ़ गया है, जिसका असर मुंबई, पुणे और नाशिक जैसे शहरों में ज्यादा दिख रहा है।
बिजली की डिमांड में कितनी बढ़ोतरी हुई है
राज्य में बिजली की खपत तेजी से बढ़ी है। तीन साल पहले जहां पीक डिमांड करीब 24,000 MW थी, वह अब बढ़कर लगभग 32,000 MW तक पहुंच गई है। अनुमान है कि 2030 तक यह आंकड़ा 44,000 MW तक जा सकता है। अकेले मुंबई की बात करें तो यहां डिमांड 3,800 MW से बढ़कर अब 4,440 MW के आसपास पहुंच गई है।
बिजली बिल और टैरिफ में क्या बदलाव हुए हैं
MERC ने बिजली की खपत को मैनेज करने के लिए नए नियम लागू किए हैं। अब सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक को ‘सोलर आवर्स’ माना गया है, जिसमें बिजली इस्तेमाल करने पर रिबेट मिलता है। गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक मिलने वाली 80 पैसे प्रति यूनिट की छूट खत्म कर दी गई है। वहीं शाम 5 से रात 12 बजे तक पीक आवर्स होने के कारण 20% अतिरिक्त चार्ज लगेगा।
भविष्य के लिए सरकार की क्या तैयारी है
राज्य सरकार ने 2035-36 तक अपनी 65% बिजली जरूरतों को रिन्यूएबल एनर्जी से पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए ‘स्टोरेज-फर्स्ट’ अप्रोच अपनाई जा रही है। 1 अप्रैल 2026 से 100 kW से ऊपर के नए सोलर और विंड प्रोजेक्ट्स के लिए बैटरी स्टोरेज लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, ग्रिड को मजबूत करने के लिए 21,000 करोड़ रुपये के ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू किया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सोलर आवर्स में बिजली इस्तेमाल करने का क्या फायदा है
MERC के नियमों के अनुसार सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक सोलर आवर्स हैं। इस दौरान बिजली इस्तेमाल करने पर रिहायशी उपभोक्ताओं को 85 पैसे प्रति यूनिट की छूट मिलती है और अन्य उपभोक्ताओं को 15-25% तक का रिबेट मिल सकता है।
रात के समय बिजली की डिमांड क्यों नहीं गिर रही है
बढ़ते शहरीकरण, बढ़ते तापमान और घरों व ऑफिसों में एयर कंडीशनर (AC) के व्यापक इस्तेमाल के कारण अब रात के समय भी बिजली की खपत ज्यादा बनी रहती है, जिससे ‘ऑफ-पीक’ समय खत्म हो रहा है।