Maharashtra में Drug Inspector भर्ती पर रोक, पेपर लीक के आरोपों की पुलिस करेगी जांच
Maharashtra: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) ने ड्रग इंस्पेक्टर के 154 पदों पर होने वाली भर्ती प्रक्रिया को फिलहाल रोक दिया है। यह फैसला पेपर लीक के गंभीर आरोपों के बाद लिया गया है। अब पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही त
Maharashtra: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) ने ड्रग इंस्पेक्टर के 154 पदों पर होने वाली भर्ती प्रक्रिया को फिलहाल रोक दिया है। यह फैसला पेपर लीक के गंभीर आरोपों के बाद लिया गया है। अब पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही तय होगा कि किन उम्मीदवारों का अंतिम चयन किया जाएगा।
पूरा मामला तब शुरू हुआ जब NCP (SP) के विधायक रोहित पवार ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया कि परीक्षा से पहले पेपर लीक हुआ था। उन्होंने दावा किया कि व्हाट्सएप पर परीक्षा से दो दिन पहले सवाल घूम रहे थे और असली पेपर से 90 प्रतिशत से ज्यादा सवाल मैच कर रहे थे। रोहित पवार ने इस पूरे मामले की CBI जांच की मांग की है और दावा किया कि नंदुरबार के कौटिल्य एकेडमी नाम के कोचिंग संस्थान में यह पेपर 12 लाख रुपये में बेचा गया।
इस भर्ती के लिए जुलाई 2025 में विज्ञापन निकाला गया था और 22 मार्च 2026 को लिखित परीक्षा हुई थी। करीब 44,500 उम्मीदवार इस परीक्षा में बैठे थे। MPSC ने 12 जून 2026 को रिजल्ट जारी किया था, जिसके बाद 9 से 22 जुलाई तक इंटरव्यू लिए गए। 22 जुलाई को 488 उम्मीदवारों की एक प्रोविजनल मेरिट लिस्ट भी जारी की गई थी।
दूसरी तरफ, MPSC ने इन आरोपों को निराधार बताया है। आयोग के चेयरमैन विवेक भिमनवार और सचिव महेंद्र हरपालकर का कहना है कि परीक्षा पूरी पारदर्शिता से हुई है और पेपर लीक का कोई सबूत नहीं मिला है। हालांकि, शिकायतों को देखते हुए मामला मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है। पुलिस ने शिकायतकर्ता ऋषिकेश गांगर्डे को पूछताछ के लिए बुलाया है।
हैरानी की बात यह है कि शुरुआती शिकायत करने वाले गौरव पाटिल और लोकेश पाटिल ने बाद में अपने आरोप वापस ले लिए। उन्होंने ईमेल भेजकर कहा कि उनकी शिकायत गलत थी और यह सिर्फ दोबारा परीक्षा कराने के लिए किया गया एक मजाक था। फिलहाल पुलिस और MPSC इन विरोधाभासी ईमेल और डिजिटल सबूतों की जांच कर रहे हैं।