Maharashtra में 12,000 डॉक्टरों की हड़ताल, आज OPD बंद और कल से इमरजेंसी सेवाएं भी हो सकती हैं ठप

Maharashtra: महाराष्ट्र के सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों के लिए मुश्किल समय शुरू हो गया है। राज्य के करीब 12,000 रेजिडेंट डॉक्टर आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इस वजह से आज से OPD सेवाएं, रूटीन ड

Maharashtra: महाराष्ट्र के सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों के लिए मुश्किल समय शुरू हो गया है। राज्य के करीब 12,000 रेजिडेंट डॉक्टर आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इस वजह से आज से OPD सेवाएं, रूटीन ड्यूटी और पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी गतिविधियां पूरी तरह बंद रहेंगी। अगर सरकार और डॉक्टरों के बीच कोई समाधान नहीं निकला, तो कल यानी 6 अगस्त से इमरजेंसी और कैजुअल्टी सेवाएं भी बंद कर दी जाएंगी।

यह पूरा विवाद सरकार द्वारा जारी एक नए सरकारी प्रस्ताव (GR) को लेकर है। इस GR के तहत उन होमियोपैथ डॉक्टरों को रजिस्टर करने की अनुमति दी गई है जिन्होंने एक साल या छह महीने का मॉडर्न फार्माकोलॉजी सर्टिफिकेट कोर्स (CCMP) किया है। इसके बाद होमियोपैथ डॉक्टर अब एलोपैथी यानी आधुनिक दवाइयां लिख सकेंगे। महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (MMC) को निर्देश दिया गया है कि वह ऐसे डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन शुरू करे।

महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (MARD) ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया है। डॉक्टरों का कहना है कि यह मरीजों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। MARD के अध्यक्ष अथर्व शिंदे ने मांग की है कि जब तक बॉम्बे हाई कोर्ट का अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक इस रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को तुरंत रोका जाए। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने भी इसे पब्लिक हेल्थ के लिए खतरनाक बताया है। IMA के मुताबिक, यह कदम मरीजों की जान जोखिम में डाल सकता है और मेडिकल प्रैक्टिस की साख को कम करेगा।

दूसरी तरफ, महाराष्ट्र काउंसिल ऑफ होम्योपैथी के प्रशासक डॉ. बाहुबली शाह ने इस फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने इसे जनता की बड़ी जीत बताया है। जानकारी के मुताबिक, करीब 2,500 होमियोपैथ डॉक्टरों ने पहले ही रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन कर दिया है और आगे 10,000 और आवेदन आने की उम्मीद है।

सरकार ने इस मामले में एक छह सदस्यीय कमेटी बनाई है। यह कमेटी तय करेगी कि CCMP कोर्स करने वाले डॉक्टरों के लिए काम करने के नियम और लापरवाही के मामलों में SOP क्या होगी। इस कमेटी की रिपोर्ट एक महीने में आने की उम्मीद है। फिलहाल, MMC का कहना है कि सरकारी आदेश का पालन करना उनकी कानूनी मजबूरी है।