Maharashtra: रायगढ़ जिले में दीघी पोर्ट इंडस्ट्रियल एरिया के विकास प्रोजेक्ट में भारी गड़बड़ी का मामला सामने आया है। शिव सेना (UBT) के MLC अनिल पारब ने इस प्रोजेक्ट में 1,400 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया है। उन्हो
Maharashtra: रायगढ़ जिले में दीघी पोर्ट इंडस्ट्रियल एरिया के विकास प्रोजेक्ट में भारी गड़बड़ी का मामला सामने आया है। शिव सेना (UBT) के MLC अनिल पारब ने इस प्रोजेक्ट में 1,400 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर पूरे टेंडर प्रोसेस की उच्च स्तरीय जांच करने की मांग की है।
घोटाले के मुख्य आरोप क्या हैं?
अनिल पारब का आरोप है कि महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल टाउनशिप लिमिटेड (MITL) ने टेंडर प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की है। उन्होंने बताया कि M/s Ramky Infrastructure Limited को काम दिया गया, जिसने अनुमानित लागत से करीब 12% कम बोली लगाई थी। आरोप है कि कंपनी ने अनुभव प्रमाण पत्र में हेरफेर किया और 10 साल पुराने प्रोजेक्ट की जानकारी दी, जबकि नियम के मुताबिक सिर्फ पिछले 10 साल के प्रोजेक्ट ही मान्य थे।
जांच के लिए क्या मांगें की गई हैं?
अनिल पारब ने मांग की है कि एक एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (ACS) स्तर के अधिकारी इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच करें। उन्होंने कहा कि सभी दस्तावेज MITL के पास मौजूद हैं, इसलिए 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट पेश की जानी चाहिए। साथ ही, उन्होंने टेंडर इवैल्यूएशन कमेटी की मीटिंग के मिनट्स और जीतने वाली कंपनी द्वारा जमा किए गए सभी दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की मांग की है।
किन अधिकारियों पर उठे सवाल?
इस मामले में MITL के चेयरमैन और उद्योग विभाग के प्रधान सचिव P Anbalagan और एमडी PD Malikner की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि इन अधिकारियों ने कंपनी द्वारा जमा किए गए अधूरे दस्तावेजों और गलत दावों को नजरअंदाज किया। पारब ने यह भी जिक्र किया कि इसी कंपनी को बिहार के गया मैन्युफैक्चरिंग सिटी के एक समान टेंडर में अयोग्य घोषित कर दिया गया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दीघी पोर्ट प्रोजेक्ट में कितने रुपये के घोटाले का आरोप है?
शिव सेना (UBT) के MLC अनिल पारब ने रायगढ़ के दीघी पोर्ट इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में 1,400 करोड़ रुपये के घोटाले और अनियमितताओं का आरोप लगाया है।
टेंडर प्रक्रिया में क्या गड़बड़ी बताई गई है?
आरोप है कि जीतने वाली कंपनी Ramky Infrastructure Limited ने गलत अनुभव प्रमाण पत्र जमा किए और 2010-11 के पुराने प्रोजेक्ट की डिटेल दी, जो टेंडर की शर्तों के खिलाफ था।