Maharashtra: राज्य सरकार ने करीब डेढ़ साल पहले एक नई साइबर सुरक्षा पॉलिसी लाने का बड़ा वादा किया था, लेकिन यह अब तक जमीन पर नहीं उतरी है। जनवरी 2025 में घोषित ‘Cyber Surakshit Maharashtra’ योजना का मकसद आम ना
Maharashtra: राज्य सरकार ने करीब डेढ़ साल पहले एक नई साइबर सुरक्षा पॉलिसी लाने का बड़ा वादा किया था, लेकिन यह अब तक जमीन पर नहीं उतरी है। जनवरी 2025 में घोषित ‘Cyber Surakshit Maharashtra’ योजना का मकसद आम नागरिकों और सरकारी सेवाओं को सुरक्षित करना था, पर अब यह मामला अधर में लटका नजर आ रहा है।
क्या है साइबर सुरक्षा पॉलिसी और क्यों है जरूरी?
IT मंत्री Ashish Shelar ने जनवरी 2025 में इस पॉलिसी के लिए एक टास्क फोर्स बनाई थी। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के स्टार्टअप्स, उद्योगों और सरकारी संस्थानों के लिए एक सुरक्षित माहौल तैयार करना था। सरकार की योजना 800 से ज्यादा ऑनलाइन सरकारी सेवाओं को साइबर हमलों से बचाने की थी ताकि आम जनता का डेटा सुरक्षित रहे।
पॉलिसी लागू होने में देरी क्यों हो रही है?
खबरों के मुताबिक, इस पॉलिसी को बनाने वाली टास्क फोर्स को अब भंग कर दिया गया है। सदस्यों का कहना है कि कई महीनों से कोई मीटिंग नहीं हुई और सरकार ने उनकी सिफारिशों पर कोई बात नहीं की। प्रशासनिक बदलावों के कारण भी काम रुका, जब अक्टूबर 2025 में टास्क फोर्स की कमान Parag Jain Nainutia से लेकर Virendra Singh को सौंपी गई।
सरकार का अब क्या कहना है?
IT मंत्री Ashish Shelar ने 28 मई 2026 को स्पष्ट किया कि विभाग पहले राज्य की Artificial Intelligence (AI) पॉलिसी पर काम पूरा करेगा। इसके बाद अगले कदम के रूप में साइबर सुरक्षा पॉलिसी को अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह पॉलिसी जल्द ही लागू होगी और टास्क फोर्स के योगदान को स्वीकार किया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Cyber Surakshit Maharashtra पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस पॉलिसी का मकसद नागरिकों, स्टार्टअप्स और सरकारी संस्थानों के लिए एक मजबूत साइबर इकोसिस्टम बनाना था, जिससे 800 ऑनलाइन सरकारी सेवाओं को सुरक्षित रखा जा सके।
पॉलिसी अब तक लागू क्यों नहीं हुई?
टास्क फोर्स के भंग होने और प्रशासनिक बदलावों के कारण काम धीमा पड़ा। सरकार अब पहले AI पॉलिसी को पूरा करने के बाद ही इसे लागू करेगी।