Maharashtra: महाराष्ट्र कांग्रेस ने वोटर लिस्ट के विशेष गहन संशोधन (SIR) अभियान के लिए राज्य स्तर पर अपनी रणनीति तैयार कर ली है। 22 मई 2026 को दादर के तिलक भवन में एक बड़ी बैठक हुई, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता, सांसद, व
Maharashtra: महाराष्ट्र कांग्रेस ने वोटर लिस्ट के विशेष गहन संशोधन (SIR) अभियान के लिए राज्य स्तर पर अपनी रणनीति तैयार कर ली है। 22 मई 2026 को दादर के तिलक भवन में एक बड़ी बैठक हुई, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक और बूथ स्तर के कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदेश अध्यक्ष Harshwardhan Sapkal ने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट के संशोधन के जरिए चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
वोटर लिस्ट सुधार की पूरी प्रक्रिया और तारीखें क्या हैं?
महाराष्ट्र चुनाव आयोग ने करीब 9.86 करोड़ मतदाताओं के लिए SIR प्रक्रिया का शेड्यूल जारी किया है। यह पूरी प्रक्रिया 20 जून से शुरू होकर 7 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। जून के आखिरी हफ्ते तक BLOs की ट्रेनिंग पूरी होगी, जिसके बाद 30 जून से 29 जुलाई तक BLOs घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। 5 अगस्त को ड्राफ्ट लिस्ट जारी होगी और 7 अक्टूबर को फाइनल वोटर लिस्ट प्रकाशित की जाएगी।
Congress और MVA की मुख्य मांगें और चिंताएं क्या हैं?
कांग्रेस ने इस काम के लिए Satej Patil की अगुवाई में एक कमेटी बनाई है। MVA गठबंधन ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी S. Chockalingam से मिलकर पारदर्शिता की मांग की है। उनकी मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- BLO के घर visits का Geo-tagging और Garuda app के जरिए सबूत मिले।
- कुछ खास जातियों और धर्मों के वोटरों को जानबूझकर बाहर न किया जाए।
- नाम हटाने से पहले फिजिकल नोटिस देना अनिवार्य हो।
- Aadhaar और स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट को वैध दस्तावेज माना जाए।
समाजवादी पार्टी के विधायक Rais Shaikh ने इसे ‘बैकडोर NRC’ जैसा बताया है और लोगों से अपने वोटिंग अधिकारों को बचाने की अपील की है। वहीं, CEO S. Chockalingam ने भरोसा दिलाया है कि प्रक्रिया पारदर्शी होगी और बिना जांच के किसी का नाम नहीं कटेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
महाराष्ट्र में वोटर लिस्ट का फाइनल प्रकाशन कब होगा?
चुनाव आयोग के शेड्यूल के अनुसार, विशेष गहन संशोधन (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद फाइनल वोटर लिस्ट 7 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
वोटर लिस्ट सत्यापन के लिए किन दस्तावेजों का उपयोग किया जा सकता है?
CEO S. Chockalingam के अनुसार, Aadhaar कार्ड का उपयोग पहचान प्रमाण के रूप में किया जा सकता है, लेकिन इसे निवास या नागरिकता के प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।