Maharashtra Congress में बगावत, प्रदेश अध्यक्ष Harshavardhan Sapkal को हटाने की मांग, दिल्ली तक पहुंची बात

Maharashtra: महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष Harshavardhan Sapkal की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। पार्टी के अंदर ही उनके खिलाफ नाराजगी बढ़ गई है और कई बड़े नेता अब खुलेआम उनका विरोध कर रहे हैं। हालात यह हैं कि सोला

Maharashtra: महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष Harshavardhan Sapkal की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। पार्टी के अंदर ही उनके खिलाफ नाराजगी बढ़ गई है और कई बड़े नेता अब खुलेआम उनका विरोध कर रहे हैं। हालात यह हैं कि सोलापुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर Sapkal को पद से हटाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया है।

इस बगावत का असर अब दिल्ली तक पहुंच गया है। 16 जून 2026 को मराठवाड़ा और अन्य क्षेत्रों के पूर्व मंत्रियों, पूर्व विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में AICC अध्यक्ष Mallikarjun Kharge से मुलाकात की। इस टीम ने मांग की कि Sapkal को तुरंत उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त किया जाए। नाराज नेता अब लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi से भी मिलने का समय मांग रहे हैं ताकि वे अपनी समस्याएं उनके सामने रख सकें।

विरोध कर रहे नेताओं का कहना है कि वर्तमान नेतृत्व जनता की समस्याओं को उठाने और पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में नाकाम रहा है। उनका आरोप है कि इसी वजह से लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन खराब रहा। उनका यह भी दावा है कि पार्टी के पुराने आधार जैसे युवा, महिलाएं, अल्पसंख्यक, OBC और मराठा समाज अब कांग्रेस से दूर हो रहे हैं।

हालांकि, पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का रुख अभी अलग है। सूत्रों के मुताबिक Mallikarjun Kharge फिलहाल Sapkal को बदलने के मूड में नहीं हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि Sapkal की नियुक्ति में Rahul Gandhi का समर्थन था। पार्टी के अंदर पहले ही यह सलाह दी गई थी कि किसी भी शिकायत को सार्वजनिक करने के बजाय आंतरिक मंचों पर सुलझाया जाए, लेकिन अब बगावत बड़े स्तर पर फैलती नजर आ रही है।

इस प्रतिनिधिमंडल में अनिल पटेल, प्रकाश मुगडिया, नामदेवराव पवार, तुकाराम रेंगे पाटिल, डॉ मोहन देशमुख, सिराज देशमुख, बालाजी चव्हाण, ज्ञानेश्वर भंडारगे, रवि सोनकांबले और अनिल मुंडे जैसे कई प्रमुख चेहरे शामिल थे।