Maharashtra: छत्रपति संभाजीनगर में एक व्यक्ति का नया घर नगर निगम के बुलडोजर की चपेट में आ गया। हनिफ खान नाम के व्यक्ति ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि उसका घर गलती से गिराया गया। यह कार्रवाई नासिक
Maharashtra: छत्रपति संभाजीनगर में एक व्यक्ति का नया घर नगर निगम के बुलडोजर की चपेट में आ गया। हनिफ खान नाम के व्यक्ति ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि उसका घर गलती से गिराया गया। यह कार्रवाई नासिक TCS केस की आरोपी निदा खान को पनाह देने वाले पार्षद मातिन पटेल के खिलाफ की जा रही थी, लेकिन इस बीच हनिफ का घर भी मलबे में बदल गया।
नगर निगम से कोर्ट क्यों नाराज है?
बॉम्बे हाई कोर्ट की औरंगाबाद बेंच ने इस कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताई है। जस्टिस सिद्धेश्वर थोम्बरे ने मौखिक रूप से कहा कि महाराष्ट्र में बुलडोजर कल्चर को जगह नहीं मिलनी चाहिए, यह यूपी या बिहार नहीं है। कोर्ट ने पाया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय 15 दिन के नोटिस की अवधि का पालन नहीं किया गया। नगर निगम ने 12 मई को 24 घंटे का नोटिस दिया और 13 मई को सुबह 5-6 बजे ही बुलडोजर चला दिया, जबकि नोटिस दोपहर तक प्रभावी था।
हनिफ खान और मातिन पटेल की क्या है मांग?
हनिफ खान ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने कौसर बाग में 600 वर्ग फुट का यह घर 12 मार्च 2026 को 27 लाख रुपये में खरीदा था। उनका दावा है कि उनका इस केस से कोई लेना-देना नहीं था। हनिफ खान और पार्षद मातिन पटेल ने मिलकर कोर्ट से 2 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को अपनी दलीलों में बदलाव करने की अनुमति दी है क्योंकि घर पहले ही गिराया जा चुका है।
केस की अब तक की मुख्य बातें
- घटना की तारीख: 13 मई 2026 को सुबह बुलडोजर कार्रवाई हुई।
- मुख्य आरोपी: निदा खान, जिसे 7 मई को मातिन पटेल से जुड़े ठिकाने से पकड़ा गया था।
- कोर्ट की टिप्पणी: नगर निगम की कार्रवाई को ‘चौकाने वाला और दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया गया।
- अगली सुनवाई: इस मामले की अगली सुनवाई 15 जून 2026 को होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हनिफ खान का घर क्यों गिराया गया?
नगर निगम पार्षद मातिन पटेल के खिलाफ कार्रवाई कर रहा था, जिन पर आरोपी निदा खान को छिपाने का आरोप था। इस दौरान हनिफ खान का घर भी गलती से गिरा दिया गया।
हाई कोर्ट ने नगर निगम के खिलाफ क्या कहा?
कोर्ट ने कहा कि यह कार्रवाई मनमानी थी और नियमों का पालन नहीं किया गया। कोर्ट ने साफ किया कि महाराष्ट्र में बुलडोजर कल्चर नहीं चलना चाहिए।