Maharashtra में MHT-CET परीक्षा को लेकर विवाद, CET Cell ने वायरल वीडियो के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत

Maharashtra: राज्य में इंजीनियरिंग एडमिशन के लिए होने वाली MHT-CET परीक्षा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हुए थे, जिनमें मेरिट लिस्ट में गड़बड़ी और एग्जाम सेंटर में हेरफेर के दावे किए गए थे

Maharashtra: राज्य में इंजीनियरिंग एडमिशन के लिए होने वाली MHT-CET परीक्षा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हुए थे, जिनमें मेरिट लिस्ट में गड़बड़ी और एग्जाम सेंटर में हेरफेर के दावे किए गए थे। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए CET Cell ने राज्य की Cyber Cell और Azad Maidan पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।

वायरल वीडियो में यह आरोप लगाया गया था कि जिन छात्रों ने PCM विषयों में 100 पर्सेंटाइल स्कोर किया, उनके बोर्ड एग्जाम के नंबर काफी कम थे, जो कि लगभग नामुमकिन है। साथ ही एक ऑडियो क्लिप में दावा किया गया कि पैसे लेकर एग्जाम सेंटर में बदलाव किया गया ताकि छात्रों को 99 पर्सेंटाइल दिलवाया जा सके। CET Cell ने पुलिस से मांग की है कि इन वीडियो को बनाने, अपलोड करने और फैलाने वालों की पहचान की जाए और दावों की सच्चाई जांची जाए। हालांकि, 27 जुलाई 2026 तक इस मामले में कोई FIR दर्ज नहीं हुई है।

CET Cell के कमिश्नर Dileep Sardesai ने इन आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने साफ किया कि बोर्ड एग्जाम और एंट्रेंस एग्जाम का पैटर्न अलग होता है, इसलिए नंबरों में अंतर होना सामान्य बात है। उन्होंने डेटा देते हुए बताया कि कुछ छात्र जिन्हें CET में 98 से 100 पर्सेंटाइल मिला, उनके बोर्ड में 40-50% नंबर थे। वहीं 50 ऐसे छात्र भी हैं जिनके बोर्ड में 90% से ज्यादा नंबर थे, लेकिन CET में उनका स्कोर 30 पर्सेंटाइल से भी कम रहा।

विभाग ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें क्योंकि इससे मेहनत करने वाले छात्रों का मनोबल गिरता है। बता दें कि मार्च 2026 में धांधली रोकने के लिए कड़े नियम लागू किए गए थे, जिसमें AI टूल्स, स्मार्टवॉच और मोबाइल फोन पर पूरी तरह रोक लगाई गई थी। साथ ही बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और CCTV निगरानी को अनिवार्य किया गया था। नियमों के उल्लंघन पर उम्मीदवारी रद्द करने और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।