Maharashtra: ठाणे में महज 200 रुपये के उधार को लेकर अपने ही दोस्त की जान लेने वाले एक शख्स को बड़ी कानूनी चोट लगी है। Bombay High Court ने इस मामले में निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए दोषी की उम्रकैद की सजा को बरक
Maharashtra: ठाणे में महज 200 रुपये के उधार को लेकर अपने ही दोस्त की जान लेने वाले एक शख्स को बड़ी कानूनी चोट लगी है। Bombay High Court ने इस मामले में निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए दोषी की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। कोर्ट ने साफ किया कि यह कोई अचानक हुआ झगड़ा नहीं था, बल्कि सोच-समझकर किया गया हमला था।
क्या था पूरा मामला और क्यों हुई हत्या?
यह घटना 7 फरवरी 2019 की है। Ejaj उर्फ Pintya Sagir Ahmed Ansari ने अपने दोस्त Mohammed Faiji से 200 रुपये उधार मांगे थे। जब Faiji ने पैसे देने से मना किया, तो Ejaj ने गुस्से में आकर उसे चाकू मार दिया। आरोपी ने शरीर के नाजुक हिस्सों (आंतों और मलाशय) पर दो बार वार किया, जिससे Faiji की मौत हो गई।
कोर्ट ने सजा बरकरार रखने के लिए क्या आधार माने?
Justice Sarang Kotwal और Justice Sandesh Patil की बेंच ने इस केस में कई अहम सबूतों को देखा। कोर्ट ने पाया कि यह हमला अचानक नहीं हुआ था, बल्कि आरोपी की मंशा हत्या करने की थी। सजा सुनाने में इन बातों का बड़ा हाथ रहा:
- मृतक Faiji का Dying Declaration (मरने से पहले दिया गया बयान)।
- मृतक की मां और भाई की गवाही, जो चश्मदीद गवाह थे।
- Post-mortem रिपोर्ट, जिसमें शरीर पर गहरे जख्मों की पुष्टि हुई।
निचली अदालत और हाई कोर्ट का फैसला
Thane Sessions Court ने 6 मार्च 2023 को Ejaj को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। आरोपी ने इस फैसले को Bombay High Court में चुनौती दी थी। हालांकि, हाई कोर्ट ने IPC की धारा 302 के तहत दी गई सजा को सही माना और आरोपी की याचिका खारिज कर दी।