Maharashtra: राज्य की महायुति सरकार के अंदर दरार दिख रही है। BJP के नेतृत्व वाले पर्यावरण विभाग ने झील संरक्षण के 14 प्रोजेक्ट्स की प्रशासनिक मंजूरी रद्द कर दी है। इसमें से 11 प्रोजेक्ट्स ऐसे हैं जिन्हें तब मंजूरी मिली थ
Maharashtra: राज्य की महायुति सरकार के अंदर दरार दिख रही है। BJP के नेतृत्व वाले पर्यावरण विभाग ने झील संरक्षण के 14 प्रोजेक्ट्स की प्रशासनिक मंजूरी रद्द कर दी है। इसमें से 11 प्रोजेक्ट्स ऐसे हैं जिन्हें तब मंजूरी मिली थी जब वर्तमान मुख्यमंत्री Eknath Shinde खुद पर्यावरण विभाग संभाल रहे थे।
प्रोजेक्ट्स रद्द होने की मुख्य वजह क्या है?
पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग, जिसकी कमान अब BJP मंत्री Pankaja Munde के पास है, ने यह आदेश जारी किया है। 16 फरवरी 2026 को हुई एक स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में पाया गया कि 5 प्रस्ताव तय फॉर्मेट के हिसाब से नहीं थे। वहीं, 9 प्रोजेक्ट्स ने शुरुआती आवेदन के दो साल बाद भी अपनी संशोधित रिपोर्ट जमा नहीं की थी। इसी वजह से इन प्रोजेक्ट्स को बंद करने का फैसला लिया गया।
कितने पैसों की वसूली होगी और कौन प्रभावित हुआ?
विभाग ने इन कामों के लिए जारी किए गए ₹91.31 करोड़ (कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार ₹73.31 करोड़) की वसूली ब्याज समेत करने का आदेश दिया है ताकि वित्तीय अनियमितता को रोका जा सके। रद्द हुए प्रोजेक्ट्स का विवरण नीचे दिया गया है:
- Eknath Shinde के कार्यकाल में: 11 प्रोजेक्ट्स रद्द, जिनकी कुल लागत ₹244.15 करोड़ थी और ₹73.31 करोड़ जारी हो चुके थे।
- Aaditya Thackeray के कार्यकाल में: 3 प्रोजेक्ट्स रद्द, जिनकी लागत ₹35.99 करोड़ थी और ₹18 करोड़ जारी किए गए थे।
आम जनता और पर्यावरण पर क्या असर होगा?
झील संरक्षण के ये प्रोजेक्ट्स स्थानीय जल स्रोतों को बचाने और पर्यावरण सुधार के लिए थे। अब इन प्रोजेक्ट्स के रद्द होने और पैसों की वसूली के आदेश से महायुति गठबंधन के भीतर तनाव बढ़ गया है। यह फैसला सीधे तौर पर उन इलाकों को प्रभावित करेगा जहां इन झीलों के पुनरुद्धार का काम होना था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कितने झील प्रोजेक्ट्स रद्द किए गए हैं?
कुल 14 झील संरक्षण प्रोजेक्ट्स की मंजूरी रद्द की गई है, जिनमें से 11 प्रोजेक्ट्स CM Eknath Shinde और 3 प्रोजेक्ट्स Aaditya Thackeray के कार्यकाल के दौरान मंजूर हुए थे।
सरकार अब कितनी राशि वसूल करेगी?
पर्यावरण विभाग ने वित्तीय अनियमितता रोकने के लिए जारी किए गए ₹91.31 करोड़ (या ₹73.31 करोड़) की राशि ब्याज समेत वसूल करने का आदेश दिया है।