Maharashtra : बदलापुर में मानव अंडों की अवैध खरीद-फरोख्त के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मुंबई, ठाणे और बारामती के चार IVF डॉक्टरों को नोटिस जारी किया गया है। यह पूरा मामला गरीब महिलाओं को लालच देकर उनके अंडे
Maharashtra : बदलापुर में मानव अंडों की अवैध खरीद-फरोख्त के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मुंबई, ठाणे और बारामती के चार IVF डॉक्टरों को नोटिस जारी किया गया है। यह पूरा मामला गरीब महिलाओं को लालच देकर उनके अंडे निकालने और उन्हें बेचने से जुड़ा है, जिसकी जांच अब राज्य के 30 से ज्यादा सेंटर्स तक फैल गई है।
इस रैकेट में अब तक क्या हुआ और कौन फंसे
पुलिस ने अब तक इस मामले में 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। ठाणे और पुणे के तीन डॉक्टरों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को 30 अन्य डॉक्टरों और क्लीनिकों की लिस्ट दी है, जो इस अवैध काम में शामिल थे। इनमें Malti IVF Centre के डॉ. अमोल पाटिल को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और उनके सेंटर को सील कर दिया गया है। सुलक्षणा गाडेकर जैसी महिलाओं ने भी इस खेल में मुख्य भूमिका निभाई, जो महिलाओं को पैसों का लालच देकर सेंटर्स तक लाती थीं।
नियमों का उल्लंघन और महिलाओं के साथ धोखाधड़ी
ART Act 2021 के मुताबिक, एक महिला अपने जीवन में केवल एक बार ही अंडा दान कर सकती है और इसका व्यापार करना कानूनी अपराध है। लेकिन इस रैकेट में नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं।
- एक महिला से 33 बार तक अंडे निकालने का दावा किया गया।
- पहचान छिपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल किया गया।
- महिलाओं को 25,000 से 30,000 रुपये का लालच दिया गया।
- प्रक्रिया के बाद महिलाओं को बिना किसी मेडिकल चेकअप के घर भेज दिया गया।
सरकार और प्रशासन का क्या कहना है
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री Prakash Abitkar ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है। गृह राज्य मंत्री Yogesh Kadam ने इसे बहुत गंभीर मामला बताया और कहा कि अब IVF सेंटर्स में रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड अनिवार्य किया जाएगा ताकि एक ही महिला बार-बार दान न कर सके। वहीं, महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चकांकर ने सभी सेंटर्स के निरीक्षण की मांग की है। विधानसभा परिषद ने भी आरोपी डॉक्टरों के मेडिकल रजिस्ट्रेशन रद्द करने के निर्देश दिए हैं।