Lucknow के युवक से 68 लाख की ठगी करने वाला नाइजीरियन गिरफ्तार, दिल्ली से 10 करोड़ का ड्रग्स बरामद

Lucknow/Delhi: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली के आरके पुरम इलाके से ओबासे प्रॉस्पर नाम के नाइजीरियन नागरिक को गिरफ्तार किया है। इस आरोपी ने लख

Lucknow/Delhi: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली के आरके पुरम इलाके से ओबासे प्रॉस्पर नाम के नाइजीरियन नागरिक को गिरफ्तार किया है। इस आरोपी ने लखनऊ के डालीगंज के एक युवक को फेसबुक पर प्यार के जाल में फंसाकर करीब 68 लाख रुपये ठगे थे। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को उसके पास से भारी मात्रा में नशीला पदार्थ भी मिला है।

पुलिस के मुताबिक, 27 साल का ओबासे प्रॉस्पर नाइजीरिया के इमो स्टेट का रहने वाला है और दिल्ली के राजू पार्क इलाके में रह रहा था। वह 2023 में मेडिकल वीजा पर भारत आया था, लेकिन वीजा खत्म होने के बाद भी वह अवैध रूप से यहां रह रहा था। एसटीएफ और एनसीबी ने 18 जुलाई 2026 को एक संयुक्त अभियान चलाकर उसे पकड़ा।

जांच में पता चला कि यह गिरोह फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर अमेरिका और ब्रिटेन के नागरिकों के फर्जी प्रोफाइल बनाता था। वे भारतीय युवक-युवतियों से दोस्ती करते थे और उन्हें महंगे गिफ्ट या विदेशी मुद्रा भेजने का लालच देते थे। जब पीड़ित भरोसा कर लेते, तो आरोपी खुद को कस्टम या इनकम टैक्स अधिकारी बताकर जीएसटी और कस्टम ड्यूटी के नाम पर लाखों रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लेते थे। इस ठगी को असली दिखाने के लिए वे यूनाइटेड किंगडम के रॉयल बैंक ऑफ स्कॉटलैंड (RBS) के फर्जी सर्टिफिकेट भी भेजते थे।

इस मामले में पुलिस को आरोपी के पास से 5.085 किलोग्राम मेथामफेटामाइन बरामद हुआ है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 10 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। इसके अलावा उसके पास से पांच मोबाइल फोन और दो पासपोर्ट भी मिले हैं।

विवरण जानकारी
गिरफ्तार आरोपी ओबासे प्रॉस्पर (27 वर्ष)
ठगी की रकम 68 लाख रुपये
बरामद ड्रग्स 5.085 किलोग्राम मेथामफेटामाइन
ड्रग्स की कीमत 10 करोड़ रुपये से अधिक
पीड़ित का निवास डालीगंज, लखनऊ
गिरफ्तारी की जगह आरके पुरम, दिल्ली

एसटीएफ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विशाल विक्रम सिंह और अतिरिक्त महानिदेशक अमिताभ यश ने इस पूरी कार्रवाई का खुलासा किया। एनसीबी ने ड्रग्स की बरामदगी के बाद एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब आरोपी के डिजिटल वॉलेट और बैंक खातों की जांच कर रही है ताकि इस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क का पता लगाया जा सके। अधिकारियों को शक है कि इस गिरोह ने देश के कई अन्य राज्यों में भी लोगों को अपना शिकार बनाया है।