UP : लखनऊ के यासीनगंज इलाके में बिजली विभाग ने तड़के सुबह एक बड़ी कार्रवाई की है। मुख्य अभियंता रवि कुमार अग्रवाल के निर्देश पर विजिलेंस टीम ने सुबह 4 बजे छापा मारा और बड़े पैमाने पर बिजली चोरी पकड़ी। इस छापेमारी में दो
UP : लखनऊ के यासीनगंज इलाके में बिजली विभाग ने तड़के सुबह एक बड़ी कार्रवाई की है। मुख्य अभियंता रवि कुमार अग्रवाल के निर्देश पर विजिलेंस टीम ने सुबह 4 बजे छापा मारा और बड़े पैमाने पर बिजली चोरी पकड़ी। इस छापेमारी में दो गोदामों में चोरी की बिजली से ई-रिक्शा चार्ज किए जा रहे थे और कई घरों में कटिया के जरिए AC चलाए जा रहे थे।
कैसे पकड़ी गई बिजली चोरी और क्या हुई कार्रवाई
बिजली विभाग की टीम ने चोरों को चौंकाने के लिए अपनी रणनीति बदली और सुबह 3 से 4 बजे के बीच छापेमारी की। आमतौर पर बिजली चोरी करने वाले लोग सुबह 4:30 बजे के आसपास उठते थे, इसलिए टीम ने उनसे पहले ही धावा बोल दिया। कार्रवाई के दौरान दो गोदामों में 35 ई-रिक्शा अवैध तरीके से चार्ज होते मिले। इसके अलावा 12 अन्य परिसरों में मीटर बाईपास कर और कटिया डालकर AC चलाए जा रहे थे। विभाग ने तुरंत इन गोदामों के कनेक्शन काट दिए और मीटर उखाड़ लिए।
जुर्माने की राशि और कानूनी कार्रवाई
मुख्य अभियंता रवि कुमार अग्रवाल ने बताया कि चोरी 10 किलोवाट से ज्यादा पाई गई है। इस वजह से दोनों गोदाम मालिकों पर 8 से 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। पकड़े गए लोगों के खिलाफ बिजली चोरी की धाराओं 135 और 138बी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। विभाग के मुताबिक यासीनगंज इलाके से हर महीने लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा था।
बिजली आपूर्ति दोबारा शुरू कराने का तरीका
बिजली चोरी में पकड़े गए उपभोक्ता अब अपनी बकाया राशि जमा करके ही बिजली आपूर्ति बहाल करा सकते हैं। विभाग ने बताया कि उपभोक्ता यूपीपीसीएल स्मार्ट ऐप, वेबसाइट, फोन पे, गूगल पे या विभागीय काउंटर के माध्यम से रिचार्ज कर सकते हैं। स्मार्ट मीटर प्रणाली के जरिए अब बिजली वितरण को और पारदर्शी बनाया जा रहा है ताकि चोरी को रोका जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ के यासीनगंज में बिजली विभाग ने क्या कार्रवाई की?
बिजली विभाग ने 10 जून 2026 को सुबह 4 बजे छापा मारा, जिसमें 35 ई-रिक्शा चोरी की बिजली से चार्ज होते मिले और 12 परिसरों में कटिया के जरिए AC चलाए जा रहे थे।
बिजली चोरी पकड़े जाने पर कितना जुर्माना लग सकता है?
चोरी 10 किलोवाट से अधिक होने के कारण, संबंधित गोदाम मालिकों पर 8 से 10 लाख रुपये तक का अनुमानित जुर्माना लगने की संभावना है।