Lucknow में व्हाट्सएप पर ‘बॉस’ बनकर ठगे 18 लाख, ग्वालियर से 3 आरोपी गिरफ्तार

Lucknow: राजधानी लखनऊ में साइबर ठगों ने एक नया तरीका अपनाया है जिसे ‘बॉस स्कैम’ कहा जा रहा है। इसमें ठग कंपनी के बड़े अधिकारी या मालिक बनकर कर्मचारियों को व्हाट्सएप पर मैसेज करते हैं और पैसों की मांग करते हैं

Lucknow: राजधानी लखनऊ में साइबर ठगों ने एक नया तरीका अपनाया है जिसे ‘बॉस स्कैम’ कहा जा रहा है। इसमें ठग कंपनी के बड़े अधिकारी या मालिक बनकर कर्मचारियों को व्हाट्सएप पर मैसेज करते हैं और पैसों की मांग करते हैं। इसी तरह की एक बड़ी धोखाधड़ी में ‘कलकत्ता रेगैलिया’ नाम के बिजनेस के एक अकाउंटेंट से 18 लाख रुपये ठग लिए गए।

यह पूरा मामला तब खुला जब कंपनी के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता ने अपने बेटे से बात की और उन्हें पता चला कि उन्होंने पैसों के लिए ऐसा कोई अनुरोध नहीं किया था। ठगों ने मालिक के बेटे की प्रोफाइल फोटो और नाम का इस्तेमाल करके एक नकली व्हाट्सएप अकाउंट बनाया था। उन्होंने सोशल मीडिया और कंपनी की वेबसाइट से जानकारी जुटाई और कर्मचारी को विश्वास में लेकर पैसे ट्रांसफर करवा लिए।

एडीशनल डीसीपी क्राइम किरण यादव ने बताया कि यह व्यापार प्रतिरूपण धोखाधड़ी का एक मामला है। उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि सिर्फ प्रोफाइल फोटो या मैसेज देखकर किसी भी वित्तीय लेनदेन को न करें। लखनऊ साइबर क्राइम पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए बैंकों के साथ तालमेल बिठाया और ठगी गई रकम में से 10.85 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं। इस मामले में पुलिस ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (i4C) ने भी इस तरह के फ्रॉड से बचने के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

  • किसी भी वित्तीय निर्देश पर कार्रवाई करने से पहले फोन कॉल, वीडियो कॉल या आधिकारिक ईमेल से पुष्टि करें।
  • ‘गोपनीय भुगतान’ या ‘आपातकालीन लेनदेन’ जैसे बहानों से सावधान रहें।
  • अज्ञात ज़िप फाइलें डाउनलोड न करें और न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करें।
  • साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।