Lucknow का बदलेगा नक्शा, 44776 करोड़ के मास्टर प्लान से घर, ऑफिस और स्कूल होंगे बस 20 मिनट की दूरी पर

Lucknow: लखनऊ को साल 2051 तक देश के सबसे बेहतरीन शहरों में शामिल करने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है। इस ‘विजन लखनऊ 2051′ योजना के लिए 44,776 करोड़ रुपये का बजट रखा गय

Lucknow: लखनऊ को साल 2051 तक देश के सबसे बेहतरीन शहरों में शामिल करने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है। इस ‘विजन लखनऊ 2051′ योजना के लिए 44,776 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इस प्लान का सबसे खास हिस्सा ’20 मिनट नेबरहुड’ है, जिससे शहर के लोगों को अपने घर के पास ही सारी जरूरी सुविधाएं मिल सकेंगी।

LDA ने इस पूरी रिपोर्ट को शासन को सौंप दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में राज्य राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण के गठन को मंजूरी मिल चुकी है। इस योजना को तीन चरणों में लागू किया जाएगा, जिसमें पहला चरण 2026 से 2030 तक, दूसरा 2031 से 2040 तक और आखिरी चरण 2041 से 2051 तक चलेगा।

इस मास्टर प्लान के तहत लखनऊ का दायरा अब बाराबंकी, उन्नाव और रायबरेली तक बढ़ाया जाएगा, जिसे स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) कहा जाएगा। दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर लखनऊ के साथ उन्नाव, हरदोई, रायबरेली, सीतापुर, बाराबंकी और सुल्तानपुर को विकसित किया जाएगा।

प्रमुख योजना विवरण
बजट कुल ₹44,776 करोड़ (65% सड़क और परिवहन पर)
20 मिनट नेबरहुड घर, दफ्तर, स्कूल और अस्पताल 20 मिनट की दूरी पर होंगे
नई टाउनशिप रिंग रोड के किनारे 10,000 हेक्टेयर में 4 नई टाउनशिप
आवास EWS से HIG तक 5 लाख नए मकान बनेंगे
आईटी और लॉजिस्टिक 800 एकड़ में आईटी सिटी विस्तार और 500 एकड़ में लॉजिस्टिक हब
मेट्रो विस्तार लखनऊ में 170 किमी और नए पार्किंग स्थल का निर्माण
जल आपूर्ति घाघरा और गंगा नदी से सरफेस वाटर ग्रिड योजना

विकास के इस रोडमैप से शहर की आबादी और क्षेत्रफल में भी बड़ी बढ़ोतरी होगी। अनुमान है कि 2051 तक लखनऊ की आबादी 28.17 लाख से बढ़कर 57.65 लाख हो जाएगी और शहर का क्षेत्रफल 350 वर्ग किमी से बढ़कर 980 वर्ग किमी हो जाएगा। इस पूरी योजना से करीब 2 लाख लोगों को सीधी और 5 लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की उम्मीद है।

योजना के लिए पैसा PPP मॉडल, केंद्र सरकार की अमृत योजना और स्मार्ट सिटी स्कीम से आएगा। साथ ही, नई टाउनशिप के लिए मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत 3,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।