UP : लखनऊ के विरामखंड-2 में जेष्ठ माह और पद्मिनी एकादशी के मौके पर एक बड़ा भंडारा आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन हनुमत सेवा महिला मंडल द्वारा किया गया जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और प्रसाद ग
UP : लखनऊ के विरामखंड-2 में जेष्ठ माह और पद्मिनी एकादशी के मौके पर एक बड़ा भंडारा आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन हनुमत सेवा महिला मंडल द्वारा किया गया जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और प्रसाद ग्रहण किया। लखनऊ में जेष्ठ माह के दौरान इस तरह के धार्मिक आयोजन एक पुरानी परंपरा रही है।
भंडारे में क्या-क्या रहा खास
इस आयोजन के दौरान भक्तों के बीच पूरी-सब्जी, चावल-कढ़ी, शरबत, ठंडाई, फल और बूंदी जैसे विभिन्न प्रकार के प्रसाद बांटे गए। लखनऊ में इस समय ‘बड़ा मंगल’ का दौर चल रहा है, जिसके कारण शहर के कई हनुमान मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे भंडारे लगाए जा रहे हैं। इस साल अधिक मास की वजह से कुल 8 बड़े मंगल पड़ रहे हैं।
नगर निगम के नियम और स्वच्छता पर जोर
लखनऊ नगर निगम ने भंडारों के लिए ‘लखनऊ वन’ ऐप पर पंजीकरण की व्यवस्था की है। आयोजक ‘स्वच्छ जीरो वेस्ट’ विकल्प चुनकर अपना विवरण दे सकते हैं जिससे गंदगी न फैले। जो लोग पंजीकरण कराते हैं, उन्हें जलकल विभाग की तरफ से मुफ्त स्वच्छ पेयजल भी दिया जाता है। इस बार पर्यावरण को बचाने के लिए प्लास्टिक की जगह हरे पत्तों की प्लेटों का इस्तेमाल किया जा रहा है और पौधों का वितरण भी हो रहा है।
धार्मिक आयोजनों में दिग्गजों की मौजूदगी
शहर में चल रहे इन भंडारों और मंगल महोत्सव-2026 में कई राजनीतिक हस्तियां भी शामिल हो रही हैं। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक जैसे नेताओं ने भी विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया है। पूर्व महापौर संयुक्ता भाटिया ने भी हरित और स्वच्छ भंडारों को बढ़ावा देने की बात कही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में भंडारे के लिए पंजीकरण कैसे करें
आयोजक ‘लखनऊ वन’ ऐप के माध्यम से ‘स्वच्छ जीरो वेस्ट’ विकल्प चुनकर अपने भंडारे का पंजीकरण करा सकते हैं, जिससे उन्हें नगर निगम की स्वच्छता सुविधाएं और मुफ्त पेयजल मिल सके।
जेष्ठ माह में इस बार कितने बड़े मंगल पड़ रहे हैं
इस वर्ष अधिक मास होने के कारण लखनऊ में कुल 8 ‘बड़े मंगल’ पड़ रहे हैं, जिसके चलते शहर में व्यापक स्तर पर हनुमत भंडारे आयोजित किए जा रहे हैं।