UP : लखनऊ के नरही इलाके में स्थित विद्या मंदिर गर्ल्स हाई स्कूल को लेकर विवाद गहरा गया है। एडीएम (नगर पूर्वी) कोर्ट ने स्कूल को फिर से खोलने का आदेश दिया था, लेकिन बुधवार को भी स्कूल का ताला नहीं खुल सका। इस वजह से करीब
UP : लखनऊ के नरही इलाके में स्थित विद्या मंदिर गर्ल्स हाई स्कूल को लेकर विवाद गहरा गया है। एडीएम (नगर पूर्वी) कोर्ट ने स्कूल को फिर से खोलने का आदेश दिया था, लेकिन बुधवार को भी स्कूल का ताला नहीं खुल सका। इस वजह से करीब 250 छात्राओं की पढ़ाई ठप पड़ी है और अभिभावकों में काफी नाराजगी है।
स्कूल बंद होने और कोर्ट के आदेश का क्या मामला है?
यह स्कूल करीब 90 साल पुराना है और सहायता प्राप्त विद्यालय है। 21 अप्रैल 2026 को एडीएम कोर्ट ने स्कूल खाली करने का आदेश दिया था, जिसके बाद 4 जून को पुलिस की मदद से स्कूल का सामान और रिकॉर्ड बाहर निकाल दिया गया। हालांकि, बाद में 8 जून को एडीएम महेंद्र पाल सिंह ने अपने पुराने आदेश पर रोक लगाते हुए स्कूल को तुरंत खोलने का निर्देश दिया ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो।
ताला खुलने में पुलिस ने क्यों किया इनकार?
10 जून को जब स्कूल को खोलने की कोशिश की गई, तो पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। स्कूल प्रबंधक संतोष रस्तोगी का कहना है कि पुलिस अधिकारियों ने बल शुल्क (Force Fee) जमा करने की मांग की और उसके बिना ताला खोलने से मना कर दिया। इस विवाद की वजह कथित तौर पर फर्जी रजिस्ट्री के जरिए जमीन कब्जाने की कोशिश है, जबकि प्रबंधन का कहना है कि जमीन सौ साल पहले दान में मिली थी।
अब आगे क्या होगा और कौन लोग शामिल हैं?
इस मामले में अब अगली सुनवाई 2 जुलाई 2026 को होगी। विवाद में डीआईओएस देवेंद्र कुमार पांडे ने कोर्ट को बताया कि स्कूल सरकारी निरीक्षण में चलता है और स्टाफ को वेतन सरकार देती है। इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा और माध्यमिक शिक्षक संघ ने भी विरोध जताया है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की मांग की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विद्या मंदिर गर्ल्स हाई स्कूल का विवाद क्या है?
यह विवाद स्कूल की जमीन पर कब्जे को लेकर है। एक पक्ष फर्जी रजिस्ट्री का दावा कर रहा है, जबकि स्कूल प्रबंधन का कहना है कि जमीन शिक्षा के लिए दान में दी गई थी।
कोर्ट ने स्कूल खोलने का आदेश कब दिया था?
एडीएम (नगर पूर्वी) कोर्ट ने 8 जून 2026 को अपने पिछले आदेश को वापस लेते हुए स्कूल को तत्काल खोलने और कब्जा वापस दिलाने का आदेश दिया था।