UP: लखनऊ के नरही इलाके में स्थित 90 साल पुराने विद्या मंदिर गर्ल्स हाई स्कूल की छात्राओं के लिए राहत की खबर आई है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि स्कूल में छात्राओं की पढ़ाई पहले की तरह जारी रहे। हालांकि, कोर्ट के आदेश के बावज
UP: लखनऊ के नरही इलाके में स्थित 90 साल पुराने विद्या मंदिर गर्ल्स हाई स्कूल की छात्राओं के लिए राहत की खबर आई है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि स्कूल में छात्राओं की पढ़ाई पहले की तरह जारी रहे। हालांकि, कोर्ट के आदेश के बावजूद अभी स्कूल का ताला नहीं खुला है, जिससे छात्राओं और अभिभावकों में बेचैनी बनी हुई है।
स्कूल पर ताला क्यों लगा और क्या हुआ विवाद
4 जून 2026 को एडीएम (पूर्वी) लखनऊ के आदेश पर पुलिस की मौजूदगी में स्कूल को खाली कराया गया था। यह कार्रवाई कोर्ट के एक पुराने एविक्शन आदेश के पालन में की गई थी, जिसके बाद स्कूल के गेट पर ताला लगा दिया गया। इस वजह से करीब 243 बालिकाओं की पढ़ाई अचानक रुक गई और उनका भविष्य अधर में लटक गया।
छात्राओं और अभिभावकों का प्रदर्शन और अपील
स्कूल बंद होने के बाद 6 जून को बड़ी संख्या में छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों ने स्कूल गेट पर धरना दिया। उन्होंने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगें रखीं। सोशल मीडिया पर भी यह मामला काफी उछला, जहां तनिशा नाम की एक छात्रा ने डीएम को चिट्ठी लिखकर स्कूल बचाने की गुहार लगाई थी। अभिभावकों ने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी से भी हस्तक्षेप की मांग की थी।
कोर्ट का ताजा आदेश और वर्तमान स्थिति
8 जून को कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए पहले की गई कार्रवाई पर रोक लगा दी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि स्कूल का संचालन फिर से शुरू किया जाए ताकि छात्राएं अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर ताला खोलने और नियमित संचालन बहाल करने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है, जिसके कारण स्कूल पूरी तरह खुल नहीं पाया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विद्या मंदिर गर्ल्स हाई स्कूल को क्यों बंद किया गया था
कोर्ट के एविक्शन (खाली कराने) के आदेश के बाद 4 जून 2026 को एडीएम पूर्वी लखनऊ के निर्देश पर पुलिस ने स्कूल को खाली कराकर उस पर ताला लगा दिया था।
कोर्ट ने स्कूल के बारे में क्या नया आदेश दिया है
8 जून को कोर्ट ने पहले की कार्रवाई पर रोक लगाते हुए आदेश दिया कि स्कूल में छात्राएं पहले की तरह पढ़ाई करें और स्कूल का संचालन फिर से शुरू किया जाए।