UP: लखनऊ में विश्व हिंदू परिषद (VHP) अवध प्रांत के कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने King George’s Medical University (KGMU) के सामने स्थित दरिया वाली मस्जिद के गेट को हटान
UP: लखनऊ में विश्व हिंदू परिषद (VHP) अवध प्रांत के कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने King George’s Medical University (KGMU) के सामने स्थित दरिया वाली मस्जिद के गेट को हटाने की मांग की है। VHP का आरोप है कि वहां अवैध मजारें बनी हुई हैं, जिन्हें तुरंत हटाया जाना चाहिए।
KGMU कैंपस में अवैध मजारों पर क्या है पूरा मामला?
KGMU प्रशासन ने अपने कैंपस के अंदर बनी छह अवैध मजारों को लावारिस घोषित कर दिया था। यूनिवर्सिटी प्रशासन के मुताबिक, इन ढांचों की वजह से अस्पताल के विस्तार, नए शैक्षणिक कार्यों और पार्किंग की सुविधा बनाने में दिक्कत आ रही थी। प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का पालन करते हुए जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच कई नोटिस जारी किए थे, लेकिन कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर पाया। अब प्रशासन ने इन्हें हटाने के लिए जिला और पुलिस प्रशासन को पत्र भेजा है।
लखनऊ में अवैध धार्मिक ढांचों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई?
शहर में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन पहले भी सख्त रहा है। 3 अप्रैल 2026 को बख्शी का तालब के अस्ती गांव में सरकारी जमीन पर बनी एक मस्जिद को इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने ढहा दिया था। वहीं, जनवरी 2026 में VHP ने हजरतगंज में भी प्रदर्शन किया था, जिसमें KGMU में अवैध धर्म परिवर्तन के आरोपों को लेकर कार्रवाई की मांग की गई थी।
प्रशासन और पुलिस की क्या भूमिका है?
KGMU प्रवक्ता प्रोफेसर के.के. सिंह ने साफ किया है कि यूनिवर्सिटी के विकास के लिए अवैध कब्जों को हटाना जरूरी है। कलेक्ट्रेट पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल तैनात रहा ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे। जिला प्रशासन अब इन मांगों और यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
VHP ने लखनऊ कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन क्यों किया?
VHP अवध प्रांत ने KGMU के सामने स्थित दरिया वाली मस्जिद के गेट को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया, क्योंकि उनका दावा है कि वहां अवैध मजारें मौजूद हैं।
KGMU प्रशासन अवैध मजारों को क्यों हटाना चाहता है?
KGMU प्रशासन के अनुसार, ये अवैध मजारें यूनिवर्सिटी के विस्तार, नए हॉस्पिटल वार्ड और पार्किंग एरिया बनाने के रास्ते में बाधा बन रही हैं।