Lucknow में पटरी दुकानदारों के लिए बनेंगे वेंडिंग प्लाजा, ट्रैफिक जाम और अतिक्रमण से मिलेगी राहत
Lucknow : राजधानी लखनऊ में सड़कों पर लगने वाली रेहड़ी-पटरी की दुकानों को व्यवस्थित करने के लिए प्रशासन ने एक नया प्लान तैयार किया है। शहर में ट्रैफिक जाम और अतिक्रमण की समस्या को खत्म करने के लिए जोनल डेवलपमेंट प्लान (ZD
Lucknow : राजधानी लखनऊ में सड़कों पर लगने वाली रेहड़ी-पटरी की दुकानों को व्यवस्थित करने के लिए प्रशासन ने एक नया प्लान तैयार किया है। शहर में ट्रैफिक जाम और अतिक्रमण की समस्या को खत्म करने के लिए जोनल डेवलपमेंट प्लान (ZDP) को मंजूरी दे दी गई है। इस योजना के जरिए छोटे व्यापारियों को एक तय जगह मिलेगी और आम जनता को चलने के लिए साफ रास्ते मिलेंगे।
इस नई योजना के तहत मेट्रो स्टेशनों और शहर के बड़े बाजारों के पास खास वेंडिंग प्लाजा बनाए जाएंगे। प्रशासन ने तय किया है कि व्यावसायिक क्षेत्रों की 2 से 5 प्रतिशत जमीन इन वेंडिंग गतिविधियों के लिए रिजर्व रखी जाएगी। मेट्रो स्टेशनों और मार्केट के बीच पैदल चलने वालों के लिए क्लियर कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जिससे फुटपाथों पर होने वाले अवैध कब्जों पर लगाम लगेगी।
नगर निगम वित्तीय वर्ष 2026-27 में मॉडल वेंडिंग जोन बनाने की तैयारी में है, जिसके लिए करीब 15 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए सभी आठ जोनों से सूची मांगी गई है। हालांकि, इस दिशा में कुछ चुनौतियां भी रही हैं, जैसे आशियाना के गौतम बुद्ध पार्क के पास बन रहे वेंडिंग जोन का काम स्थानीय लोगों के विरोध के कारण रोकना पड़ा।
टाउन वेंडिंग कमेटी ने दुकानदारों के सत्यापन और यूजर चार्ज को लेकर भी नियम कड़े किए हैं। अक्टूबर 2024 में पंजीकरण शुल्क को 300 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये और नवीनीकरण शुल्क को 200 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया गया था। साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने यह निर्देश दिया था कि जब तक वैध प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक उन दुकानदारों को न हटाया जाए जो ट्रैफिक में बाधा नहीं डाल रहे हैं।
शहर के केजीएमयू और ट्रॉमा सेंटर जैसे इलाकों में अभी भी भारी अतिक्रमण और जाम की समस्या बनी हुई है, जिससे एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को दिक्कत होती है। मास्टर प्लान 2031 के जरिए इन बाजारों को दोबारा व्यवस्थित करने और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि शहर की भीड़भाड़ कम हो सके।