Lucknow में भारी बारिश से महंगी हुईं सब्जियां, आम आदमी का बजट बिगड़ा, मंडी में दाम 50% तक बढ़े

Lucknow: राजधानी लखनऊ और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश ने आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। बारिश की वजह से फसलें खराब हुई हैं, जिससे मंडियों में सब्जियों की सप्लाई कम हो गई और कीमतें तेजी से बढ़ गईं

Lucknow: राजधानी लखनऊ और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश ने आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। बारिश की वजह से फसलें खराब हुई हैं, जिससे मंडियों में सब्जियों की सप्लाई कम हो गई और कीमतें तेजी से बढ़ गईं। सीतापुर रोड स्थित नवीन मंडी में प्याज, धनिया, अदरक और मिर्च जैसी जरूरी सब्जियों के दाम काफी बढ़ गए हैं।

29 जुलाई 2026 को स्थानीय मंडियों में हरी और ताजी सब्जियों की कीमतों में 50% तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं पत्तेदार सब्जियों के दाम भी करीब 15.59% तक बढ़ गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि मांग ज्यादा है और सप्लाई कम होने की वजह से यह उछाल आया है। इससे पहले 21 जुलाई की रिपोर्ट में भी बताया गया था कि मानसूनी बारिश के कारण लखनऊ, वाराणसी और गोरखपुर की मंडियों में टमाटर के थोक भाव ऊंचे बने हुए हैं।

मौसम की स्थिति की बात करें तो भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 जुलाई को लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की थी। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और बिना वजह यात्रा न करने की सलाह दी थी क्योंकि जलभराव से यातायात प्रभावित हो सकता है। पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही बनी रही जिससे हल्की से मध्यम और कुछ जगहों पर भारी बारिश हुई।

सब्जियों की बढ़ती कीमतों पर फिलहाल सरकार की ओर से कोई नया बयान नहीं आया है, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले बेमौसम बारिश से फसल नुकसान पर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे। उन्होंने आदेश दिया था कि फील्ड में जाकर नुकसान का जायजा लिया जाए और 24 घंटे के भीतर फसल और पशुहानि का मुआवजा सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जून 2026 में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री के बीच हुई बैठक में जलवायु परिवर्तन को देखते हुए यूपी की कृषि के लिए एक वैज्ञानिक रोडमैप तैयार करने पर चर्चा हुई थी, ताकि कम अवधि वाली फसलों को बढ़ावा दिया जा सके।