UP: लखनऊ के अवध डिपो से चलने वाली लग्जरी बसों में यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। 8 जून को एक साथ पांच बसों के एसी खराब हो गए, जिससे यात्री भीषण गर्मी से बेहाल हो गए। हालात इतने खराब थे कि लोगों को बस के दरवाजे खोल
UP: लखनऊ के अवध डिपो से चलने वाली लग्जरी बसों में यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। 8 जून को एक साथ पांच बसों के एसी खराब हो गए, जिससे यात्री भीषण गर्मी से बेहाल हो गए। हालात इतने खराब थे कि लोगों को बस के दरवाजे खोलकर सफर करना पड़ा और उन्होंने इसकी शिकायत सीधे रोडवेज के एमडी से की।
बसों के एसी क्यों हुए खराब और कौन है जिम्मेदार
जांच में सामने आया है कि बसों के रखरखाव का जिम्मा संभालने वाली निजी कंपनी एसडीएल स्क्रैप चेंजर जेपी की लापरवाही की वजह से यह समस्या हुई। अवध डिपो में कुल 87 लग्जरी बसें हैं, लेकिन सही मरम्मत न होने के कारण औसतन 35 बसें हर दिन डिपो में ही खड़ी रहती हैं। मई महीने की जांच में भी पाया गया कि ठेका लेने वाली फर्में बसों की हालत सुधारने के बजाय उन्हें और खराब कर रही थीं।
लापरवाही पर जुर्माना और रोडवेज की कार्रवाई
बसों के खराब रखरखाव के कारण निगम को बड़ा वित्तीय नुकसान हुआ है। अप्रैल में 88 बसों के ब्रेकडाउन की वजह से रोडवेज को 12,59,746 रुपये का नुकसान हुआ, जिसके बाद संबंधित फर्म पर लाखों का जुर्माना लगाया गया है। रोडवेज प्रवक्ता अमरनाथ सहाय ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यात्री अपनी शिकायत कहां दर्ज करा सकते हैं
परिवहन विभाग ने यात्रियों की मदद के लिए कई विकल्प दिए हैं। अब यात्री 24 घंटे चालू हेल्पलाइन नंबर 1800-180-2877 या नए छोटे नंबर 149 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा ट्विटर के जरिए भी शिकायत की जा सकती है, जिसकी निगरानी एआरएम स्तर के अधिकारी कर रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
रोडवेज बसों की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर क्या है?
यात्री अपनी शिकायत के लिए 24×7 हेल्पलाइन नंबर 1800-180-2877 या आसान नंबर 149 का उपयोग कर सकते हैं। साथ ही ट्विटर पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
अवध डिपो में बसों की हालत कैसी है?
अवध डिपो में कुल 87 लग्जरी बसें हैं, लेकिन निजी एजेंसी की लापरवाही और रखरखाव की कमी के कारण रोजाना करीब 35 बसें खराब हालत में डिपो में ही खड़ी रहती हैं।