Lucknow: यूपी पुलिस के 94 अधिकारियों ने सीखी क्राइम सीन मैनेजमेंट की बारीकियां, 42 दिनों का प्रशिक्षण पूरा

Lucknow: लखनऊ के सरोजनी नगर स्थित उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (UPSIFS) में पुलिस अधिकारियों के लिए आयोजित 42 दिनों का क्राइम सीन मैनेजमेंट प्रशिक्षण कोर्स शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 को समाप्त हो गया। इस

Lucknow: लखनऊ के सरोजनी नगर स्थित उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (UPSIFS) में पुलिस अधिकारियों के लिए आयोजित 42 दिनों का क्राइम सीन मैनेजमेंट प्रशिक्षण कोर्स शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 को समाप्त हो गया। इस पांचवें बैच के ट्रेनिंग प्रोग्राम में प्रदेश के अलग-अलग जिलों और कमिश्नरेट से आए आरक्षी से लेकर निरीक्षक रैंक तक के कुल 94 पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

इस कार्यक्रम का मुख्य मकसद पुलिस की जांच प्रक्रिया को और अधिक वैज्ञानिक बनाना है। ट्रेनिंग के जरिए यह सिखाया गया कि घटनास्थल से सबूतों को कैसे सुरक्षित रखा जाए ताकि अदालत में दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष और पूर्व पुलिस महानिदेशक डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि डीएनए, फिंगरप्रिंट और भौतिक साक्ष्यों का सही विश्लेषण ही अपराधियों को पकड़ने की सबसे मजबूत कड़ी होती है। उन्होंने ट्रेनिंग पूरी करने वाले अधिकारियों से कहा कि वे अपने जिलों में जाकर अन्य पुलिसकर्मियों को भी यह तकनीक सिखाएं।

संस्थान के संस्थापक निदेशक डॉ. जी.के. गोस्वामी ने कहा कि जब कानून और विज्ञान एक साथ मिलते हैं, तभी फॉरेंसिक विज्ञान काम करता है और न्याय की पहली सीढ़ी पुलिस ही तैयार करती है। वहीं उप निदेशक जितेंद्र श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि छह हफ्ते के इस कोर्स में अधिकारियों को साइबर फॉरेंसिक, डिजिटल सबूतों को बचाने के तरीके और आधुनिक फॉरेंसिक तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान दिया गया। इस मौके पर उप महानिरीक्षक हेमराज मीना समेत कई अन्य विशेषज्ञ और अधिकारी मौजूद रहे। यह पूरी पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वैज्ञानिक पुलिसिंग के विजन को आगे बढ़ाने के लिए की गई है।