Lucknow में फर्जी FASTag बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, UP STF ने 2 आरोपियों को किया गिरफ्तार

Lucknow: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने राजधानी लखनऊ में फर्जी दस्तावेजों के जरिए FASTag बनाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में अनंत राम राठौर और नकीब खान नाम के दो लोगों को गिरफ्तार

Lucknow: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने राजधानी लखनऊ में फर्जी दस्तावेजों के जरिए FASTag बनाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में अनंत राम राठौर और नकीब खान नाम के दो लोगों को गिरफ्तार किया है। ये लोग फर्जी नंबर प्लेट और कागजों का इस्तेमाल कर नकली फास्टैग बनाते थे ताकि वाहन मालिक टोल टैक्स और ऑनलाइन चालान से बच सकें।

यह पूरी कार्रवाई एआरटीओ प्रवर्तन आलोक कुमार यादव की शिकायत पर की गई, जिसके बाद 3 अप्रैल 2026 को सरोजनीनगर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। जांच में सामने आया कि अनंत राम राठौर IndusInd Bank का चैनल पार्टनर था और नकीब खान उसी बैंक का एजेंट था। नकीब की सीतापुर के खैराबाद टोल प्लाजा के पास पंचर की दुकान थी, जहां उसकी मुलाकात अनंत राम से हुई और जून 2024 से दोनों ने मिलकर यह फर्जीवाड़ा शुरू किया।

गिरोह के काम करने का तरीका काफी शातिर था। ये लोग फर्जी वाहन नंबर, फर्जी RC और गलत KYC दस्तावेजों का उपयोग करके FASTag जारी करते थे। इस काम के बदले उन्हें प्रति फास्टैग 5,000 रुपये का कमीशन मिलता था। यूपी एसटीएफ के एडीजी अमिताभ यश ने बताया कि यह गिरोह टोल प्लाजा पर लगे कैमरों के सिस्टम की खामियों का फायदा उठा रहा था, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है।

विवरण जानकारी
गिरफ्तार आरोपी अनंत राम राठौर और नकीब खान
गिरफ्तारी की जगह पॉलिटेक्निक चौराहा, लखनऊ
संबंधित बैंक IndusInd Bank
जब्त सामान 2 मोबाइल, 2 पैन कार्ड और नकद राशि
पिछली गिरफ्तारियां रियाज और सिराज (30 जून 2026)

एसटीएफ के एएसपी सत्यसेन यादव के मुताबिक, इस धोखाधड़ी के बाद संबंधित बैंक पोर्टल को बंद कर दिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन और कुछ नकदी बरामद की है। इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है और प्रशासन अब इस बात का आकलन कर रहा है कि इस फर्जीवाड़े से सरकार को कुल कितना आर्थिक नुकसान हुआ है।