Lucknow University में ‘योग एक विरासत’ कार्यक्रम आयोजित, छात्रों को सिखाए गए योगाभ्यास के फायदे
Lucknow: लखनऊ विश्वविद्यालय के गौरव स्थल पर ‘योग एक विरासत’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के 69वें दीक्षांत समारोह श्रृंखला ‘दीक्षोत्सव-2026’ का एक हिस्सा था। इसमें योग व
Lucknow: लखनऊ विश्वविद्यालय के गौरव स्थल पर ‘योग एक विरासत’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के 69वें दीक्षांत समारोह श्रृंखला ‘दीक्षोत्सव-2026’ का एक हिस्सा था। इसमें योग विभाग और फैकल्टी ऑफ योग एंड ऑल्टरनेटिव मेडिसिन ने मिलकर छात्रों को योग के महत्व से रूबरू कराया।
28 जुलाई, 2026 को सुबह 5:30 बजे विश्वविद्यालय के गौरव स्थल पर पारंपरिक योग अभ्यास शिविर लगाया गया। इसी दिन योग विभाग के सभागार में ‘योग संगम’ नाम से एक सेमिनार भी हुआ। इस मौके पर डॉ. अमरजीत यादव ने बताया कि सूर्योदय से पहले योगाभ्यास करना सबसे अच्छा होता है क्योंकि उस समय हवा साफ और शांत होती है। उन्होंने कहा कि इससे श्वसन तंत्र बेहतर होता है, तनाव कम होता है और एकाग्रता बढ़ती है।
सेमिनार में मुख्य अतिथि के तौर पर आए प्रोफेसर आर. के. सिंह ने बताया कि नियमित योग से जीवनशैली की बीमारियां दूर रहती हैं और इंसान अनुशासित बनता है। वहीं प्रोफेसर आलोक कुमार यादव ने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया।
इस साल का 69वां दीक्षांत समारोह ‘दीक्षोत्सव-2026’ 23 जुलाई से शुरू होकर 30 जुलाई तक चलेगा, जबकि मुख्य समारोह 31 जुलाई को होगा। कुलपति प्रोफेसर जय प्रकाश सैनी ने बताया कि राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के निर्देश पर इस बार समारोह यूनिवर्सिटी कैंपस के बाहर ‘साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर’ में किया जाएगा। इस फैसले से लगभग 80 लाख रुपये की बचत होगी, जिसे छात्रों की सुविधाओं और पढ़ाई के बुनियादी ढांचे को सुधारने में लगाया जाएगा।