UP : लखनऊ विश्वविद्यालय के परिसर में मंगलवार, 2 जून 2026 को छात्र संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छह छात्रों पर की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई के खिलाफ था। छात्रों ने कुलपति और अन्य अध
UP : लखनऊ विश्वविद्यालय के परिसर में मंगलवार, 2 जून 2026 को छात्र संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छह छात्रों पर की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई के खिलाफ था। छात्रों ने कुलपति और अन्य अधिकारियों पर मनमाने ढंग से फैसले लेने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।
किन छात्रों पर क्या कार्रवाई हुई है?
विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रोक्टरियल बोर्ड की जांच के बाद अलग-अलग छात्रों पर सख्त कदम उठाए हैं। प्रेम प्रकाश यादव, शशि प्रकाश और हर्षित शुक्ला को यूनिवर्सिटी से निष्कासित कर दिया गया है। इन छात्रों को भविष्य में किसी भी कोर्स में प्रवेश लेने से स्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है। वहीं, प्रसन्न शुक्ला और रूपेंद्र बहादुर सिंह पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है और उन्हें 15 दिनों की समाज सेवा करने के साथ अच्छे आचरण का हलफनामा देना होगा। इसके अलावा, बी.टेक छात्र विशाल को एक अलग अनुशासनहीनता मामले में निलंबित किया गया है।
छात्रों की मुख्य मांगें और प्रशासन का पक्ष क्या है?
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने प्रशासन के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें निष्कासन को रद्द करना, फीस में की गई बढ़ोतरी को वापस लेना और छात्र संघ चुनावों को फिर से बहाल करना शामिल है। दूसरी तरफ, यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि 28 अप्रैल को कुलपति कार्यालय में हुए हंगामे के बाद जांच की गई थी, जिसमें छात्र दोषी पाए गए। प्रवक्ता मुकुल श्रीवास्तव ने पहले हुए कुछ प्रदर्शनों को अनावश्यक बताया था और नियमों का हवाला दिया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों के प्रदर्शन का मुख्य कारण क्या है?
यह प्रदर्शन 28 अप्रैल को कुलपति कार्यालय में हुए हंगामे के बाद छह छात्रों पर की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई, निष्कासन और जुर्माने के विरोध में किया गया है।
किन छात्रों को यूनिवर्सिटी से निष्कासित किया गया है?
प्रेम प्रकाश यादव (एमए हिंदी), शशि प्रकाश (एमए लोक प्रशासन) और हर्षित शुक्ला (एलएलबी) को निष्कासित कर यूनिवर्सिटी में प्रवेश से स्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है।