Lucknow University में स्पोर्ट्स वर्कशॉप आयोजित, खेल प्रशासन में अनुशासन और पारदर्शिता पर दिया जोर

Lucknow: लखनऊ यूनिवर्सिटी के स्पोर्ट्स काउंसिल ने खेल प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए एक खास वर्कशॉप का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य मकसद खेल प्रशिक्षकों और प्रशासनिक कर्मचारियों की कार्यक्षमता को बढ़ाना था ताकि खिलाड

Lucknow: लखनऊ यूनिवर्सिटी के स्पोर्ट्स काउंसिल ने खेल प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए एक खास वर्कशॉप का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य मकसद खेल प्रशिक्षकों और प्रशासनिक कर्मचारियों की कार्यक्षमता को बढ़ाना था ताकि खिलाड़ियों को बेहतर माहौल मिल सके।

वर्कशॉप में मुख्य वक्ता के तौर पर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जावेद अली ने हिस्सा लिया। उन्होंने अपने लेक्चर में इस बात पर जोर दिया कि खेल प्रशासन में अनुशासन और पारदर्शिता का होना बहुत जरूरी है। प्रोफेसर अली ने बताया कि खेल के मैदान पर सफलता तभी मिलती है जब ऑफिस मैनेजमेंट सही हो और खेल के उपकरणों का रखरखाव ठीक तरीके से किया जाए। उन्होंने प्रभावी स्पोर्ट्स ट्रेनिंग की अहमियत को भी समझाया।

इस मौके पर स्पोर्ट्स काउंसिल के महासचिव अजय कुमार आर्य और वॉलीबॉल क्लब के अध्यक्ष मोहम्मद तारिक ने प्रोफेसर जावेद अली का स्वागत किया। यह वर्कशॉप ऐसे समय में हुई है जब देश में खेल प्रशासन को सुधारने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं।

बता दें कि केंद्र सरकार ने National Sports Administration Act, 2025 और National Sports Administration Rules, 2026 लागू किए हैं। इन नियमों के तहत खेल संघों में पारदर्शिता और जवाबदेही तय की गई है। अब पदाधिकारियों का कार्यकाल अधिकतम 12 साल तय किया गया है और उनकी उम्र की सीमा 70 से 75 वर्ष रखी गई है। साथ ही, निर्णय लेने वाली कमेटियों में खिलाड़ियों और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना अनिवार्य कर दिया गया है। विवादों के निपटारे के लिए National Sports Tribunal और निगरानी के लिए National Sports Board का गठन भी किया गया है।