UP: लखनऊ यूनिवर्सिटी के जूलॉजी विभाग के एक असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. परमजीत सिंह मुश्किलों में फंस गए हैं। उन पर एक छात्रा के साथ बदसलूकी करने और गलत फायदे के बदले परीक्षा के पेपर लीक करने का आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस
UP: लखनऊ यूनिवर्सिटी के जूलॉजी विभाग के एक असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. परमजीत सिंह मुश्किलों में फंस गए हैं। उन पर एक छात्रा के साथ बदसलूकी करने और गलत फायदे के बदले परीक्षा के पेपर लीक करने का आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस ने प्रोफेसर को हिरासत में ले लिया है और जांच शुरू कर दी है।
प्रोफेसर पर क्या हैं आरोप और क्या हुई कार्रवाई
बीएससी थर्ड ईयर की एक छात्रा ने यूनिवर्सिटी प्रशासन और जूलॉजी विभाग के हेड से लिखित शिकायत की थी। छात्रा ने सबूत के तौर पर कुछ ऑडियो क्लिप्स भी दिए हैं, जिनमें आपत्तिजनक बातें कही गई हैं। इस घटना के बाद कैंपस में माहौल गरमा गया और छात्रों ने प्रोटेक्टर ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने आरोपी प्रोफेसर के चेहरे पर काली स्याही भी पोत दी।
पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन का क्या कहना है
डीसीपी सेंट्रल जोन विक्रांत वीर ने बताया कि हसनगंज पुलिस स्टेशन में प्रोफेसर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उन पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 और यूपी पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट 2024 की धारा 11 और 13(5) के तहत मामला दर्ज हुआ है। वहीं, कुलपति प्रोफेसर जे.पी. सैनी ने आंतरिक शिकायत समिति को 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। यूनिवर्सिटी ने साफ किया है कि संस्थान की गरिमा से समझौता करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
आरोपी प्रोफेसर का पक्ष और छात्रों की मांग
हिरासत में लिए गए डॉ. परमजीत सिंह ने इन सभी आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि यह सब यूनिवर्सिटी की आंतरिक राजनीति का हिस्सा है। दूसरी तरफ, एबीवीपी और समाजवादी छात्र सभा जैसे छात्र संगठनों ने प्रोफेसर को तुरंत बर्खास्त करने और सख्त सजा देने की मांग की है। फिलहाल पुलिस वायरल ऑडियो क्लिप्स की सत्यता की जांच कर रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
प्रोफेसर के खिलाफ कौन सी धाराएं लगाई गई हैं?
प्रोफेसर पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना) और यूपी पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 की धारा 11 और 13(5) के तहत केस दर्ज किया गया है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
कुलपति ने आंतरिक शिकायत समिति को 24 घंटे में जांच रिपोर्ट देने को कहा है और परीक्षा नियंत्रक ने हसनगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।