Lucknow University में मेस फीस बढ़ोतरी पर विवाद, छात्रों के प्रदर्शन के बीच प्रशासन ने जारी किया स्पष्टीकरण

Lucknow: लखनऊ यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के लिए मेस फीस को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में मेस फीस में 17 से 21 फीसदी की बढ़ोतरी की बात कही गई है, जिससे छात्रों में नाराजगी है। इस माम

Lucknow: लखनऊ यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के लिए मेस फीस को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में मेस फीस में 17 से 21 फीसदी की बढ़ोतरी की बात कही गई है, जिससे छात्रों में नाराजगी है। इस मामले पर अब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अपनी सफाई पेश की है और फीस वृद्धि के दावों को गलत बताया है।

विवाद की शुरुआत तब हुई जब कुछ खबरों में दावा किया गया कि सालाना मेस फीस में करीब सात हजार रुपये की वृद्धि की गई है। समाजवादी लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अभिषेक श्रीवास्तव बाबू और अन्य छात्रों ने इस फैसले का विरोध किया है। छात्रों का कहना है कि फीस बढ़ने से गरीब परिवार के बच्चों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। इसके साथ ही छात्रों ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि अब फीस दो किस्तों के बजाय एक बार में जमा करनी होगी। नाराज छात्रों ने कुलपति कार्यालय का घेराव करने और दो दिन का अल्टीमेटम भी दिया है।

दूसरी तरफ, लखनऊ यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 10 अगस्त 2026 को एक आधिकारिक बयान जारी कर इन खबरों को भ्रामक बताया है। मुख्य प्रोवोस्ट प्रोफेसर आशीष अवस्थी ने स्पष्ट किया कि मेस शुल्क में कोई वास्तविक वृद्धि नहीं की गई है। प्रशासन के मुताबिक, फीस में जो अंतर दिख रहा है वह मुख्य रूप से कॉशन मनी (सावधानी राशि) की वजह से है।

  • छात्रों के लिए प्रदर्शित शुल्क 37,738 रुपये से बढ़कर 40,000 रुपये हुआ है।
  • छात्राओं के लिए यह शुल्क 29,192 रुपये से बढ़कर 32,000 रुपये हुआ है।
  • कॉशन मनी को 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये किया गया है, जो हॉस्टल छोड़ते समय वापस मिल जाएगी।

यूनिवर्सिटी ने यह भी कहा कि बाकी बची राशि का समायोजन नए मेस टेंडर की आधिकारिक दरों के हिसाब से किया जाएगा। फीस भुगतान के तरीके पर प्रशासन ने कहा कि वैसे तो फीस एक बार में जमा करनी होगी, लेकिन अगर किसी छात्र को परेशानी है, तो वह कुलपति की अनुमति लेकर दो किस्तों में भुगतान कर सकता है।