UP : लखनऊ विश्वविद्यालय ने LLB के छात्रों के लिए एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। यूनिवर्सिटी अब तीन साल और पांच साल वाले विधि पाठ्यक्रमों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के नियमों को लागू करेगी। यह बदलाव मौजूदा सत्र से ही प्
UP : लखनऊ विश्वविद्यालय ने LLB के छात्रों के लिए एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। यूनिवर्सिटी अब तीन साल और पांच साल वाले विधि पाठ्यक्रमों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के नियमों को लागू करेगी। यह बदलाव मौजूदा सत्र से ही प्रभावी होगा, जिससे छात्रों को पढ़ाई और प्रमोशन में काफी आसानी होगी।
NEP लागू होने से छात्रों को क्या फायदा होगा
कुलपति प्रोफेसर जेपी सैनी ने बताया कि विधि शिक्षा को ग्लोबल स्टैंडर्ड के हिसाब से आधुनिक बनाना जरूरी था। नई व्यवस्था के तहत अब LLB के सभी छात्रों को विषम सेमेस्टर (Odd Semester) से सम सेमेस्टर (Even Semester) में प्रमोट कर दिया जाएगा। इससे परीक्षा चक्र में होने वाली देरी कम होगी और छात्रों की पढ़ाई में निरंतरता बनी रहेगी।
प्रथम सेमेस्टर के छात्रों के लिए विशेष राहत
विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि NEP के तहत पहले सेमेस्टर में कोई भी छात्र फेल नहीं माना जाएगा। जिन छात्रों को केवल एकल अंक मिले थे, उन्हें भी उत्तीर्ण कर दिया गया है। लखनऊ विश्वविद्यालय देश का पहला ऐसा संस्थान है जिसने 2020-21 सत्र से ही अपने स्नातक प्रोग्राम्स में NEP 2020 को लागू किया था।
विरोध के बाद लिया गया यह फैसला
यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब ABVP ने विधि छात्रों की परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया में गड़बड़ियों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। छात्रों ने लिखित और आंतरिक मूल्यांकन के अनुपात (70:30 से 90:10) में किए गए बदलाव पर भी आपत्ति जताई थी। अब नए नियमों के दायरे में प्रथम वर्ष के दूसरे सेमेस्टर के छात्र भी आएंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ यूनिवर्सिटी में LLB के लिए NEP कब से लागू होगी
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, LLB के तीन-वर्षीय और पांच-वर्षीय पाठ्यक्रमों में NEP के प्रावधान मौजूदा शैक्षणिक सत्र से ही लागू कर दिए गए हैं।
क्या पहले सेमेस्टर में फेल हुए छात्रों को फायदा मिलेगा
हाँ, नई नीति के तहत प्रथम सेमेस्टर में किसी भी छात्र को अनुत्तीर्ण नहीं किया गया है और एकल अंक पाने वाले छात्रों को भी पास कर दिया गया है।