UP: लखनऊ विश्वविद्यालय में निष्कासित छात्रों का विरोध प्रदर्शन 11वें दिन भी जारी रहा। छात्र अपनी परीक्षाओं में शामिल होने से रोके जाने और भारी फीस वृद्धि के खिलाफ सरस्वती प्रतिमा के पास धरने पर बैठे हैं। इस मामले में अब
UP: लखनऊ विश्वविद्यालय में निष्कासित छात्रों का विरोध प्रदर्शन 11वें दिन भी जारी रहा। छात्र अपनी परीक्षाओं में शामिल होने से रोके जाने और भारी फीस वृद्धि के खिलाफ सरस्वती प्रतिमा के पास धरने पर बैठे हैं। इस मामले में अब राजनीतिक दलों की एंट्री हो गई है और पूर्व सांसद माता प्रसाद पांडेय समेत कई दिग्गज नेता छात्रों के समर्थन में पहुंचे हैं।
छात्रों को क्यों किया गया निष्कासित और क्या है विवाद
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बीए-एलएलबी/एलएलएम के छात्र सत्यम यादव को अनुशासनहीनता के आरोप में निष्कासित किया है। कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा ने आदेश जारी करते हुए कहा कि छात्र ने बिना अनुमति छात्रावास में प्रवेश किया और प्रशासनिक कार्यों में बाधा डाली। साथ ही उन पर सोशल मीडिया के जरिए यूनिवर्सिटी की छवि खराब करने का आरोप है। छात्र और उनके साथी इस कार्रवाई को गलत बता रहे हैं और अपनी मांगें पूरी न होने तक धरने पर डटे हैं।
फीस में कितनी बढ़ोतरी हुई और क्या हैं नए नियम
छात्रों का मुख्य गुस्सा फीस में की गई भारी बढ़ोतरी को लेकर है। बीए-एलएलबी की फीस 26,700 रुपये से बढ़ाकर 47,700 रुपये और बीकॉम ऑनर्स की फीस 22,000 रुपये से 38,000 रुपये कर दी गई है। इसके अलावा यूनिवर्सिटी ने अब 75% उपस्थिति अनिवार्य कर दी है, जिसे समर्थ पोर्टल के जरिए ऑनलाइन ट्रैक किया जाएगा। नए नियमों के मुताबिक अब थ्योरी और इंटरनल मिलाकर 40% और कुल सेमेस्टर में 45% अंक लाना जरूरी होगा।
राजनीतिक समर्थन और आगे की रणनीति
छात्रों की मदद के लिए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेता सामने आए हैं। कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने कुलसचिव से मिलकर अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस लेने की मांग की है। वहीं, 12 जून को इको गार्डन में पेपर लीक और अन्य मुद्दों को लेकर एक बड़ा प्रदर्शन होने वाला है, जिसमें कॉकरोच जनता पार्टी के अध्यक्ष अभिजीत दीपके भी शामिल होंगे। निष्कासित छात्रों ने इस मामले को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में भी चुनौती दी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ विश्वविद्यालय में किन पाठ्यक्रमों की फीस बढ़ाई गई है
बीए-एलएलबी की फीस 26,700 रुपये से बढ़ाकर 47,700 रुपये और बीकॉम ऑनर्स की फीस 22,000 रुपये से बढ़ाकर 38,000 रुपये कर दी गई है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों के निष्कासन का क्या कारण बताया है
प्रशासन का कहना है कि छात्र सत्यम यादव ने अनुशासनहीनता की, बिना अनुमति परिसर में प्रवेश किया और सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाकर यूनिवर्सिटी की छवि खराब की।