Lucknow में अनोखी मजार, जहां फूल-चादर नहीं बल्कि सिगरेट और शराब चढ़ती है

Lucknow: राजधानी लखनऊ के मूसा बाग इलाके में एक ऐसी मजार है जो अपनी अजीबोगरीब परंपरा के लिए मशहूर है। यहां लोग मन्नत मांगने के लिए फूल या मिठाई नहीं, बल्कि सिगरेट और शराब लेकर आते हैं। नौकरी से लेकर शादी और प्यार तक की मु

Lucknow: राजधानी लखनऊ के मूसा बाग इलाके में एक ऐसी मजार है जो अपनी अजीबोगरीब परंपरा के लिए मशहूर है। यहां लोग मन्नत मांगने के लिए फूल या मिठाई नहीं, बल्कि सिगरेट और शराब लेकर आते हैं। नौकरी से लेकर शादी और प्यार तक की मुरादें पूरी करने के लिए यहां हर धर्म के लोग पहुंचते हैं।

यह मजार ब्रिटिश सेना के कैप्टन फ्रेडरिक वेल्स की है, जिनकी मौत 21 मार्च 1858 को मूसा बाग में अंग्रेजों और अवध के आजादी के सिपाहियों के बीच हुई लड़ाई में हुई थी। लोग इन्हें गोरा बाबा, कप्तान बाबा या सिगरेट वाले बाबा के नाम से जानते हैं। माना जाता है कि कैप्टन वेल्स को सिगरेट और शराब का बहुत शौक था, इसीलिए आज भी उनके भक्त यहां सिगरेट, शराब, मांस और अंडे चढ़ाते हैं।

श्रद्धालुओं के बीच यह अटूट विश्वास है कि पूरी श्रद्धा से सिगरेट चढ़ाने पर उनकी सारी इच्छाएं पूरी होती हैं। खासकर प्रेमी जोड़े अपनी शादी और रिश्तों की समस्याओं को सुलझाने के लिए यहां बड़ी संख्या में आते हैं। यह जगह हिंदू, मुस्लिम और ईसाई तीनों धर्मों के लोगों की आस्था का केंद्र है और लखनऊ की गंगा-जमुनी तहजीब का एक उदाहरण है।

मजार पर गुरुवार के दिन सबसे ज्यादा भीड़ देखी जाती है। इसके अलावा नए साल और क्रिसमस के मौके पर भी यहां काफी लोग जुटते हैं। अगर कोई यहां पहुंचना चाहता है, तो हरदोई रोड या बालागंज चौराहे से हरिनगर चौराहे होते हुए मूसा बाग महल के खंडहरों के पास आसानी से पहुंचा जा सकता है।