Lucknow में ट्रेन पलटाने की साजिश, पटरी पर मिला 50 किलो का लोहे का एंगल, ATS और IB जांच में जुटीं
Lucknow: राजधानी लखनऊ के दिलकुशा इलाके में एक बड़ी ट्रेन दुर्घटना होने से टल गई। शुक्रवार को अमृतसर से हावड़ा जा रही पंजाब मेल को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी, लेकिन लोको पायलट की सूझबूझ से समय रहते ब्रेक लग गए और सैकड
Lucknow: राजधानी लखनऊ के दिलकुशा इलाके में एक बड़ी ट्रेन दुर्घटना होने से टल गई। शुक्रवार को अमृतसर से हावड़ा जा रही पंजाब मेल को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी, लेकिन लोको पायलट की सूझबूझ से समय रहते ब्रेक लग गए और सैकड़ों यात्रियों की जान बच गई। अब इस मामले में आतंकी संगठन के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके बाद ATS और IB की टीमें जांच में लग गई हैं।
यह घटना 14 जून 2026 को दोपहर करीब 2 बजे कैंट थाना क्षेत्र के दिलकुशा ब्लॉक हट के पास हुई। पटरी पर करीब 50 किलोग्राम वजन का लोहे का एंगल रखा गया था। लोको पायलट ने इसे समय रहते देख लिया और इमरजेंसी ब्रेक लगाए, जिससे ट्रेन पलटने से बच गई, हालांकि लोहे का एंगल इंजन में फंस गया था। रेलवे के वरिष्ठ खंड अभियंता राजकिशोर मिश्रा की शिकायत पर कैंट थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 151 और 153 के तहत केस दर्ज किया गया है।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए कई एजेंसियां काम कर रही हैं:
| जांच एजेंसी/अधिकारी | भूमिका/कार्य |
|---|---|
| ATS और IB | आतंकी संगठन की संलिप्तता की जांच |
| कैंट पुलिस, GRP, RPF | स्थानीय जांच और सुरक्षा व्यवस्था |
| फोरेंसिक विशेषज्ञ | घटनास्थल से सबूत जुटाना |
| एसपी जीआरपी रोहित मिश्रा | मामले की निगरानी |
जांच टीमों ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। पुलिस ने इलाके के 2 किलोमीटर के दायरे में सक्रिय लगभग 5000 मोबाइल नंबरों को रडार पर लिया है। अब तक 50 से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ की जा चुकी है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि 50 किलो के भारी एंगल को पटरी तक लाने के लिए तीन से चार लोगों की जरूरत पड़ी होगी।
सुरक्षा के लिहाज से अब रेलवे ट्रैक की निगरानी बढ़ा दी गई है। रात-दिन की चौकसी के लिए आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में तीन टीमें तैनात की गई हैं और पुलिस गश्त भी तेज कर दी गई है। बता दें कि लखनऊ में पिछले दो सालों में ऐसी पांच कोशिशें हो चुकी हैं, जिनमें जून 2025 में हमसफर एक्सप्रेस और अक्टूबर 2024 में वाराणसी एक्सप्रेस को निशाना बनाने का प्रयास शामिल था।