UP: राजधानी लखनऊ में सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस काफी सख्त नजर आ रही है। कमिश्नरेट पुलिस और ट्रैफिक पुलिस ने मिलकर 8, 9 और 10 मई 2026 को तीन दिनों का एक विशेष अभियान चलाया। इस दौरान नियमों की अनदेखी करने वाले हजारों वाहन
UP: राजधानी लखनऊ में सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस काफी सख्त नजर आ रही है। कमिश्नरेट पुलिस और ट्रैफिक पुलिस ने मिलकर 8, 9 और 10 मई 2026 को तीन दिनों का एक विशेष अभियान चलाया। इस दौरान नियमों की अनदेखी करने वाले हजारों वाहन चालकों के खिलाफ एक्शन लिया गया और कई गाड़ियां सीज की गईं।
लखनऊ अभियान में किन नियमों पर रही नजर
इस तीन दिवसीय अभियान का मुख्य मकसद लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना और सड़क हादसों को कम करना था। पुलिस ने सबसे ज्यादा कार्रवाई उन लोगों पर की जिन्होंने हेलमेट नहीं पहना था। अभियान के दौरान कुल 11,000 से ज्यादा चालान काटे गए।
पूरे प्रदेश में ‘ड्रिंक एंड ड्राइव’ के खिलाफ सख्ती
लखनऊ के साथ-साथ पूरे उत्तर प्रदेश में 9 और 10 मई को नशे में गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया। पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर परिवहन विभाग और जिला पुलिस ने मिलकर कुल 69,683 वाहनों की जांच की। इस जांच में 2,654 लोग नशे की हालत में गाड़ी चलाते पाए गए, जिन पर मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 185 के तहत कार्रवाई की गई।
नशे में गाड़ी चलाने पर कितना लगेगा जुर्माना
नियम तोड़ने वालों के लिए भारी जुर्माने का प्रावधान है। पहली बार गलती करने पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना या 6 महीने की जेल या दोनों हो सकते हैं। अगर कोई दोबारा यही गलती करता है, तो उसे 15,000 रुपये तक का जुर्माना या 2 साल की सजा या दोनों भुगतने पड़ सकते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में तीन दिनों के अभियान में कितने चालान कटे?
8 से 10 मई 2026 तक चले अभियान में लखनऊ ट्रैफिक पुलिस ने 11,000 से ज्यादा चालान काटे, जिनमें सबसे अधिक बिना हेलमेट वालों पर कार्रवाई हुई।
UP में ड्रिंक एंड ड्राइव के लिए क्या सजा और जुर्माना है?
पहली बार पकड़े जाने पर 10,000 रुपये जुर्माना या 6 महीने की जेल हो सकती है। दूसरी बार में यह जुर्माना 15,000 रुपये और सजा 2 साल तक हो सकती है।