UP : लखनऊ की सड़कों पर फूहड़ गाने बजाने वाले और नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले ऑटो चालकों के खिलाफ पुलिस ने सख्त एक्शन लिया है। डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में 125 ऑटो और ई-रिक्शा को सीज
UP : लखनऊ की सड़कों पर फूहड़ गाने बजाने वाले और नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले ऑटो चालकों के खिलाफ पुलिस ने सख्त एक्शन लिया है। डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में 125 ऑटो और ई-रिक्शा को सीज कर दिया गया है, जबकि 1002 वाहनों का चालान काटा गया। यह कार्रवाई शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने और महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए की गई है।
क्यों हुई इतनी बड़ी कार्रवाई और क्या हैं नियम?
पुलिस ने पाया कि कई ऑटो में अश्लील गाने बज रहे थे और सवारियां भूसे की तरह ओवरलोड भरकर चलाई जा रही थीं। डीसीपी रवीना त्यागी ने हजरतगंज चौराहे पर खुद मोर्चा संभाला और बिना परमिट व बिना ‘सेफ राइड’ पंजीकरण वाले वाहनों को पकड़ा। नियम के मुताबिक, हर ऑटो और ई-रिक्शा चालक को अपने वाहन पर नाम, मोबाइल नंबर और आधार कार्ड लिखना जरूरी है ताकि यात्रियों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
‘सेफ राइड’ प्रोजेक्ट क्या है और सीज वाहन कब मिलेंगे?
लखनऊ पुलिस ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए ‘सेफ राइड’ प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसके तहत ई-रिक्शा चालकों का वेरिफिकेशन किया जाता है ताकि महिलाएं और बच्चे सुरक्षित सफर कर सकें। पुलिस ने साफ कर दिया है कि सीज किए गए वाहनों को वृंदावन कॉलोनी के एक ग्राउंड में रखा गया है। ये वाहन तभी छोड़े जाएंगे जब चालक और गाड़ी का ‘सेफ राइड’ प्रोजेक्ट के तहत पूरा वेरिफिकेशन हो जाएगा।
नगर निगम भी करेगा अब सख्ती
ट्रैफिक पुलिस के साथ अब लखनऊ नगर निगम भी ई-रिक्शा और ऑटो-टेंपो के लिए लाइसेंस शुल्क लेने और उनके रूट तय करने की तैयारी में है। अगर कोई चालक तय रूट का उल्लंघन करेगा या बिना लाइसेंस गाड़ी चलाएगा, तो उस पर भारी जुर्माना लगेगा और वाहन को जब्त किया जा सकता है। पुलिस ने सभी चालकों से अपील की है कि वे वैध दस्तावेजों के साथ ही वाहन चलाएं और ओवरलोडिंग न करें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में ऑटो सीज होने का मुख्य कारण क्या था?
ऑटो में फूहड़ गाने बजाना, ओवरलोडिंग करना, बिना परमिट चलना और ‘सेफ राइड’ प्रोजेक्ट के तहत पंजीकरण न होना मुख्य कारण थे।
सीज किए गए ऑटो को वापस पाने के लिए क्या करना होगा?
सीज किए गए वाहनों को तब तक नहीं छोड़ा जाएगा जब तक चालक और वाहन का ‘सेफ राइड’ प्रोजेक्ट के तहत पूरा सत्यापन (Verification) नहीं हो जाता।