UP: लखनऊ के लोग इन दिनों सड़कों पर रेंगती गाड़ियों और भारी ट्रैफिक जाम से बहुत परेशान हैं। दफ्तर पहुंचने की जल्दबाजी में लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं, जिससे उनका कीमती समय और पेट्रोल-डीजल दोनों बर्बाद हो रहे हैं। शहर
UP: लखनऊ के लोग इन दिनों सड़कों पर रेंगती गाड़ियों और भारी ट्रैफिक जाम से बहुत परेशान हैं। दफ्तर पहुंचने की जल्दबाजी में लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं, जिससे उनका कीमती समय और पेट्रोल-डीजल दोनों बर्बाद हो रहे हैं। शहर के कई प्रमुख रास्तों पर अवैध पार्किंग और अतिक्रमण ने इस समस्या को और बढ़ा दिया है।
जाम से मुक्ति के लिए क्या हैं सरकार के नए प्लान
लखनऊ को जाम मुक्त बनाने के लिए योगी सरकार ने 2047 तक 150 किलोमीटर लंबा मेट्रो नेटवर्क तैयार करने की योजना को मंजूरी दी है। इसमें 10 नए रूट शामिल होंगे ताकि लोग निजी वाहनों के बजाय मेट्रो का इस्तेमाल करें। साथ ही, गोमती नगर से डालीगंज के बीच 7 किलोमीटर लंबा सिग्नल-फ्री ग्रीन कॉरिडोर बनाया जा रहा है, जिससे यह सफर महज 5-7 मिनट में पूरा हो सकेगा।
किन वजहों से लग रहा है शहर में सबसे ज्यादा जाम
शहर के बालागंज चौराहे और दारुलशफा रोड जैसे इलाकों में ई-रिक्शा के मनमाने स्टैंड और बेतरतीब पार्किंग बड़ी समस्या है। पटरी दुकानदारों के अतिक्रमण की वजह से पैदल चलने वालों और वाहन चालकों को भारी दिक्कत होती है। हाल ही में बीजेपी की ‘जन आक्रोश पद यात्रा’ और बड़े मंगल जैसे त्योहारों के कारण भी कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई थी।
प्रशासन और कोर्ट ने क्या कड़ा रुख अपनाया है
लखनऊ हाईकोर्ट ने इस समस्या पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को दो हफ्ते के भीतर विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है। प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए लापरवाही बरतने वाले कुछ ट्रैफिक अधिकारियों को हटाया भी है। अब डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी की देखरेख में अवैध पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई की योजना बनाई जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के लाइसेंस रद्द करने की तैयारी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में ट्रैफिक कम करने के लिए मेट्रो का क्या प्लान है?
योगी सरकार ने 2047 तक 150 किलोमीटर लंबे मेट्रो नेटवर्क की मंजूरी दी है। इसमें 10 नए रूट जोड़े जाएंगे ताकि शहर के ट्रैफिक लोड को कम किया जा सके।
ग्रीन कॉरिडोर से लखनऊ के लोगों को क्या फायदा होगा?
गोमती नगर से डालीगंज के बीच 7 किलोमीटर लंबा सिग्नल-फ्री कॉरिडोर बनाया जा रहा है। इससे यह यात्रा केवल 5 से 7 मिनट में पूरी हो सकेगी।