UP: लखनऊ के हजरतगंज स्थित 9, त्रिलोकी नाथ मार्ग पर टाउन वेंडिंग कमेटी (TVC) की एक जरूरी बैठक हुई। इस मीटिंग की अध्यक्षता कमेटी के अध्यक्ष अशोक गुप्ता ने की। बैठक में मुख्य रूप से शहर के रेहड़ी-पटरी वालों यानी पथ विक्रेता
UP: लखनऊ के हजरतगंज स्थित 9, त्रिलोकी नाथ मार्ग पर टाउन वेंडिंग कमेटी (TVC) की एक जरूरी बैठक हुई। इस मीटिंग की अध्यक्षता कमेटी के अध्यक्ष अशोक गुप्ता ने की। बैठक में मुख्य रूप से शहर के रेहड़ी-पटरी वालों यानी पथ विक्रेताओं की रोजी-रोटी, उनके कानूनी अधिकारों और उन्हें आने वाली दिक्कतों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में किन मुख्य मुद्दों पर हुई चर्चा
इस मीटिंग में पथ विक्रेताओं की आजीविका को सुरक्षित करने और उनके अधिकारों की रक्षा करने पर जोर दिया गया। बैठक के दौरान यह बात सामने आई कि पथ विक्रेता अधिनियम 2014 के तहत उन्हें जो अधिकार मिलने चाहिए, उन्हें दिलाने के लिए प्रयास करने होंगे। साथ ही, वेंडिंग शुल्क समय पर जमा न करने वाले दुकानदारों पर 12 प्रतिशत ब्याज लगाने के पुराने प्रस्तावों और उनकी वर्तमान स्थिति पर भी गौर किया गया।
कोर्ट के निर्देश और वेंडिंग ज़ोन की योजना
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने 5 फरवरी 2026 को स्पष्ट निर्देश दिया था कि जब तक टाउन वेंडिंग कमेटी पूरा सर्वे नहीं कर लेती और वेंडिंग सर्टिफिकेट जारी नहीं कर देती, तब तक किसी भी विक्रेता को हटाया न जाए। इसके अलावा, नगर निगम अब 50 साल पुराने बाजारों को ‘हेरिटेज मार्केट’ का टैग देने और वार्ड स्तर पर मॉडल वेंडिंग ज़ोन बनाने की तैयारी कर रहा है। मेट्रो स्टेशनों के नीचे भी वेंडिंग स्पेस बनाने की योजना है ताकि सड़क पर जाम कम हो और विक्रेताओं को पक्की जगह मिल सके।
TVC और नगर निगम की भूमिका
टाउन वेंडिंग कमेटी और लखनऊ नगर निगम (LMC) मिलकर शहर में वेंडिंग ज़ोन के विकास का काम देख रहे हैं। अशोक गुप्ता ने पहले ही कहा था कि नियमों के मुताबिक हर तीन महीने में बैठक होनी चाहिए, लेकिन कई बार इसमें देरी हुई है। अब कोशिश की जा रही है कि अमीनाबाद जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों को व्यवस्थित किया जाए और विक्रेताओं को संगठित कर उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हाईकोर्ट ने पथ विक्रेताओं को हटाने के संबंध में क्या कहा है
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने निर्देश दिया है कि जब तक शहरव्यापी सर्वे पूरा नहीं होता और वेंडिंग सर्टिफिकेट जारी नहीं किए जाते, तब तक किसी भी मौजूदा पथ विक्रेता को नहीं हटाया जाएगा, बशर्ते वे ट्रैफिक में बाधा न डालें।
मॉडल वेंडिंग ज़ोन से क्या फायदा होगा
मॉडल वेंडिंग ज़ोन बनने से सड़क किनारे की अव्यवस्था और ट्रैफिक जाम कम होगा। इसके तहत विक्रेताओं के लिए समर्पित स्थान तय किए जाएंगे और मेट्रो स्टेशनों के नीचे भी जगह बनाने की योजना है।