Amarnath Yatra: Lucknow से जम्मू जाने वाली ट्रेनों में भारी वेटिंग, श्रद्धालुओं की बढ़ी परेशानी
UP/Lucknow: अमरनाथ यात्रा 2026 शुरू होने के बाद लखनऊ से जम्मू जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। इस वजह से लखनऊ से चलने वाली प्रमुख ट्रेनों में सीटों की भारी किल्लत हो गई है और लंबी वेटिंग लिस्ट यात्र
UP/Lucknow: अमरनाथ यात्रा 2026 शुरू होने के बाद लखनऊ से जम्मू जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। इस वजह से लखनऊ से चलने वाली प्रमुख ट्रेनों में सीटों की भारी किल्लत हो गई है और लंबी वेटिंग लिस्ट यात्रियों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। 3 जुलाई से शुरू हुई इस यात्रा में पहले तीन दिनों में ही 56,000 से ज्यादा श्रद्धालु पवित्र गुफा के दर्शन कर चुके हैं।
जम्मू और कश्मीर प्रशासन ने साफ किया है कि 9 जुलाई तक रजिस्ट्रेशन के सभी स्लॉट फुल हो चुके हैं। बिना रजिस्ट्रेशन वाले यात्रियों को यात्रा टालने की सलाह दी गई है और उन्हें चेकपोस्ट पर ही रोका जाएगा। फिलहाल सिर्फ रजिस्टर्ड श्रद्धालुओं को ही कश्मीर जाने की अनुमति मिल रही है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू से श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
लखनऊ से जम्मू जाने वाली ट्रेनों की मौजूदा स्थिति इस प्रकार है:
| ट्रेन का नाम और नंबर | सीटों की स्थिति (जुलाई के शुरुआती दिन) |
|---|---|
| Humsafar Exp (22317) | General Waiting List (GNWL) चल रही है |
| Amarnath Exp (15653) | वेटिंग लिस्ट 14 से 135 के बीच है |
| Amarnath Exp (15097) | 9 जुलाई को GNWL 89 और 16 जुलाई को 68 है |
| Begumpura Exp (12237) | Sleeper और 3A में ‘Regret’ (सीटें उपलब्ध नहीं) |
| Koaa Jat Express (13151) | Sleeper और 3E क्लास में ‘Regret’ की स्थिति है |
| Lohit Express (15651) | Sleeper क्लास में सीटें उपलब्ध नहीं हैं |
लखनऊ से जम्मू का ट्रेन किराया स्लीपर क्लास के लिए लगभग 475 रुपये से 510 रुपये के बीच है। यात्रा में करीब 16 घंटे 55 मिनट से लेकर 21 घंटे 25 मिनट तक का समय लगता है।
भीड़ को देखते हुए Indian Railways ने जम्मू-श्रीनगर के बीच स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है ताकि सड़क मार्ग पर दबाव कम हो सके। जम्मू तवी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क, मेडिकल सहायता, शेड वाला वेटिंग एरिया और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। स्टेशन परिसर की निगरानी के लिए CCTV कैमरे लगाए गए हैं और RPF के जवान तैनात हैं। 5 जुलाई को 6,721 श्रद्धालुओं का चौथा जत्था कड़ी सुरक्षा और मेडिकल टीम के साथ जम्मू से रवाना हुआ।