UP : लखनऊ के लोगों को बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या से जल्द राहत मिलने वाली है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन (UPPCL) केंद्र सरकार की मदद से राजधानी को ‘नो ट्रिपिंग जोन’ बनाने की तैयारी कर रहा है। इसके लि
UP : लखनऊ के लोगों को बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या से जल्द राहत मिलने वाली है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन (UPPCL) केंद्र सरकार की मदद से राजधानी को ‘नो ट्रिपिंग जोन’ बनाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए बिजली के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह आधुनिक बनाया जाएगा ताकि शहर में बिजली की सप्लाई बिना किसी रुकावट के बनी रहे।
लखनऊ की बिजली व्यवस्था में क्या बदलाव होंगे?
UPPCL ने लखनऊ को एक रोड मॉडल बनाने का फैसला किया है, जिससे बाकी 75 जिलों को भी फायदा होगा। इसके लिए 1500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और काम 2028 के मध्य तक पूरा करने का लक्ष्य है। शहर में नए ट्रांसमिशन घर, 33 केवी बिजली उपकेंद्र और भूमिगत लाइनें बिछाई जाएंगी। पुराने लखनऊ और घनी आबादी वाले इलाकों में नए पावर ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे ताकि लोड कम हो सके और ट्रिपिंग की समस्या खत्म हो जाए।
प्रोजेक्ट की समय-सीमा और बजट का ब्योरा
इस पूरी योजना को साल 2032 की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। जून 8, 2026 को 261 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को मंजूरी मिल चुकी है। गोमती नगर जोन में 96 करोड़ रुपये के काम होंगे, जिसमें लौलाई उपकेंद्र की क्षमता बढ़ाना और इंदिरा नगर मुर्दहिया के पास नया उपकेंद्र बनाना शामिल है। एक तीन सदस्यीय समिति दीपावली 2026 तक अपनी पूरी फिजिबिलिटी रिपोर्ट शक्ति भवन को सौंप देगी।
आम उपभोक्ताओं को क्या फायदा मिलेगा?
लखनऊ में हर साल करीब एक लाख नए उपभोक्ता जुड़ रहे हैं और बिजली की मांग 200 से 250 मेगावाट बढ़ रही है। नए सुधारों से करीब 14.50 लाख उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा, नवंबर 2025 से एक नई ‘वर्टिकल बिजली व्यवस्था’ भी शुरू होगी, जिसमें लोग अपनी शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर 1912 का इस्तेमाल करेंगे। इससे बिजली आपूर्ति में सुधार होगा और लो-वोल्टेज जैसी दिक्कतों से छुटकारा मिलेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ को नो ट्रिपिंग जोन बनाने में कितना खर्च होगा और यह कब तक पूरा होगा?
इस पूरी परियोजना में 1500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का काम 2028 के मध्य तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
बिजली व्यवस्था में सुधार से किन इलाकों को फायदा होगा?
पूरे लखनऊ शहर को फायदा होगा, जिसमें गोमती नगर और इंदिरा नगर मुर्दहिया जैसे क्षेत्रों में नए उपकेंद्र बनेंगे। साथ ही पुराने लखनऊ के घनी आबादी वाले इलाकों में नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे।