UP: लखनऊ के उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए एक बड़ी खबर आई है। अंतरराष्ट्रीय संस्था SciRank Global ने साल 2025 के लिए दुनिया के शीर्ष पांच प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची जारी की है। इस लिस्ट में लखनऊ के 20 से अधिक शिक्षकों और
UP: लखनऊ के उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए एक बड़ी खबर आई है। अंतरराष्ट्रीय संस्था SciRank Global ने साल 2025 के लिए दुनिया के शीर्ष पांच प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची जारी की है। इस लिस्ट में लखनऊ के 20 से अधिक शिक्षकों और वैज्ञानिकों को जगह मिली है, जो शहर की रिसर्च और पढ़ाई के स्तर को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाता है।
किन संस्थानों के कितने शिक्षक हुए शामिल
इस प्रतिष्ठित सूची में लखनऊ विश्वविद्यालय (LU) का सबसे ज्यादा प्रभाव रहा है, जहां के 17 से 18 शिक्षकों के नाम शामिल हैं। वहीं, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) से 2 शिक्षकों ने जगह बनाई है। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा के साथ-साथ डॉ. शकुंतला मिश्रा यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. संजय सिंह और IET के निदेशक प्रो. चंद्र कुमार दीक्षित भी इस ग्लोबल रजिस्ट्री में शामिल हुए हैं।
कौन से प्रोफेसरों ने बनाया नाम
लखनऊ विश्वविद्यालय के भौतिक विज्ञान विभाग से प्रो. पूनम टंडन, प्रो. राजीव मनोहर और प्रो. एके सिंह जैसे नाम शामिल हैं। रसायन विज्ञान से प्रो. नरेंद्र कुमार सिंह और डॉ. शशि बाला ने जगह बनाई है। AKTU की बात करें तो IET के प्रो. अरुण तिवारी और डॉ. अनुज कुमार शर्मा इस लिस्ट में हैं। डॉ. अनुज शर्मा के नाम 125 से ज्यादा शोध-पत्र और 9 पेटेंट दर्ज हैं, जो उनकी काबिलियत को बताते हैं।
SciRank Global की लिस्ट कैसे बनती है
यह रैंकिंग किसी की राय पर नहीं बल्कि डेटा के आधार पर तय होती है। इसके लिए OpenAlex नाम के डेटा सोर्स का इस्तेमाल किया गया। इसमें शोधकर्ता के कुल कामों और उनके प्रभाव (कितनी बार उनके काम को कोट किया गया) के आधार पर स्कोर दिया जाता है। इस लिस्ट में आने के लिए कम से कम 10 सत्यापित अकादमिक कार्यों का होना जरूरी है। लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने इसे संस्थान की वैश्विक दृश्यता और प्रतिष्ठा के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
SciRank Global की 2025 की सूची में लखनऊ से कितने लोग शामिल हैं
इस सूची में लखनऊ के उच्च शिक्षण संस्थानों के कुल 20 से 21 शिक्षक और वैज्ञानिक शामिल किए गए हैं, जिनमें लखनऊ विश्वविद्यालय के सबसे ज्यादा शिक्षक हैं।
इस रैंकिंग का आधार क्या है
यह रैंकिंग Normalized Composite Score (NCS) पर आधारित है, जो शोध उत्पादकता और उद्धरणों (citations) की कुल संख्या को संतुलित करके तय की जाती है।