UP : लखनऊ में भारतीय तैलिक साहू राठौर महासभा की महत्वपूर्ण बैठक हुई है। इस बैठक में समाज के लोग अपनी आबादी के हिसाब से राजनीति में हिस्सेदारी की मांग कर रहे हैं। महासभा ने साल 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते ह
UP : लखनऊ में भारतीय तैलिक साहू राठौर महासभा की महत्वपूर्ण बैठक हुई है। इस बैठक में समाज के लोग अपनी आबादी के हिसाब से राजनीति में हिस्सेदारी की मांग कर रहे हैं। महासभा ने साल 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए अपनी चुनावी रणनीति तैयार कर ली है ताकि समाज की राजनीतिक भागीदारी बढ़ सके।
2027 चुनाव के लिए क्या है महासभा की योजना
महासभा ने राज्य की 47 ऐसी विधानसभा सीटों की पहचान की है जहां तेली समाज की अच्छी खासी आबादी है। इन सीटों पर कैडर बैठकें करने की योजना है। जिन विधानसभा क्षेत्रों में समाज की आबादी 60,000 से ज्यादा है, वहां ब्लॉक स्तर पर संगठन बनाया जाएगा। महासभा का लक्ष्य है कि 2027 के चुनावों में इन सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे जाएं।
संगठन का विस्तार और प्रमुख मांगें
बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि समाज को उसकी जनसंख्या के अनुपात में उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है। संगठन को मजबूत करने के लिए जनपद स्तर पर सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, समाज के सदस्यों के साथ होने वाले किसी भी उत्पीड़न की जानकारी तुरंत प्रदेश कार्यालय को देने की अपील की गई है।
बैठक में कौन-कौन रहे शामिल
इस मुहिम में संस्थापक अध्यक्ष, संरक्षक और पूर्व सांसद राम नरायन साहू, प्रदेश अध्यक्ष रमाशंकर साहू और महिला अध्यक्ष अर्चना साहू जैसे बड़े पदाधिकारी शामिल रहे। इसके अलावा कौशांबी के कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र कुमार गुप्ता और दिल्ली से राष्ट्रीय अध्यक्ष साहू मुरारी गुप्ता व राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष अशोक साहू ने भी अपनी भूमिका निभाई।
Frequently Asked Questions (FAQs)
तैलिक साहू महासभा कितने विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है
महासभा ने उत्तर प्रदेश की 47 तेली बाहुल्य विधानसभा सीटों पर अपनी रणनीति बनाई है और वहां प्रत्याशी उतारने का लक्ष्य रखा है।
संगठन के विस्तार के लिए क्या नियम तय किए गए हैं
जिन विधानसभा क्षेत्रों में तेली समाज की आबादी 60,000 से अधिक है, वहां ब्लॉक स्तर पर संगठन का गठन किया जाएगा।