UP: लखनऊ के इको गार्डन में 12 जून 2026 को हजारों छात्र और अभ्यर्थी इकट्ठा हुए। ये लोग NEET, UPSI, SSC GD और लेखपाल जैसी भर्ती परीक्षाओं में हुए पेपर लीक और धांधली के खिलाफ अपना विरोध जता रहे थे। इस पूरे प्रदर्शन का नेतृत
UP: लखनऊ के इको गार्डन में 12 जून 2026 को हजारों छात्र और अभ्यर्थी इकट्ठा हुए। ये लोग NEET, UPSI, SSC GD और लेखपाल जैसी भर्ती परीक्षाओं में हुए पेपर लीक और धांधली के खिलाफ अपना विरोध जता रहे थे। इस पूरे प्रदर्शन का नेतृत्व शिक्षक विवेक सर ने किया, जिन्हें पुलिस ने कुछ समय के लिए हिरासत में भी लिया था।
प्रदर्शन की मुख्य वजह और छात्रों की मांगें क्या हैं?
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि विभिन्न सरकारी परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक हो रहा है, जिससे उनका भविष्य अधर में है। छात्रों ने मुख्य रूप से UPSI परीक्षा के स्कोरकार्ड जारी करने की मांग की है। प्रदर्शन की अनुमति पुलिस ने विवेक कुमार (विवेक सर) के आवेदन पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक के लिए दी थी।
विवेक सर और कॉकरोच जनता पार्टी का विवाद क्या है?
प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके भी वहां पहुंचे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। इस पर विवेक सर ने साफ किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह छात्रों का है और इसका किसी राजनीतिक दल से संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि उनका प्लान छह महीने पुराना है, जबकि यह पार्टी सिर्फ छह दिन पहले बनी है।
पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा इंतजाम क्या रहे?
लखनऊ जाते समय पुलिस ने विवेक सर को टुंडला जंक्शन पर तेजस एक्सप्रेस से हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त बबलू कुमार ने बताया कि प्रदर्शन की अनुमति तय नियमों के बाद दी गई थी। मौके पर करीब 1,000 लोगों के जुटने का अनुमान था, लेकिन संख्या उससे कहीं ज्यादा रही।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विवेक सर ने कॉकरोच जनता पार्टी के बारे में क्या कहा?
विवेक सर ने स्पष्ट किया कि उनके आंदोलन का कॉकरोच जनता पार्टी से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि वह अभिजीत दीपके को नहीं जानते और उनका आंदोलन 6 महीने पहले से तय था।
छात्र लखनऊ में किस बात को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे?
छात्र NEET, UPSI, SSC GD और लेखपाल जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे और UPSI का स्कोरकार्ड मांग रहे थे।