Lucknow में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर छात्रों का जश्न, 1090 चौराहे और हजरतगंज में निकाला विक्ट्री मार्च
Lucknow: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद लखनऊ की सड़कों पर छात्रों का हुजूम उमड़ पड़ा। 25 और 26 जुलाई 2026 को शहर के अलग-अलग इलाकों में छात्रों और राजनीतिक संगठनों ने जमकर जश्न मनाया। हाथों में
Lucknow: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद लखनऊ की सड़कों पर छात्रों का हुजूम उमड़ पड़ा। 25 और 26 जुलाई 2026 को शहर के अलग-अलग इलाकों में छात्रों और राजनीतिक संगठनों ने जमकर जश्न मनाया। हाथों में तिरंगा और पोस्टर लेकर युवाओं ने विक्ट्री मार्च निकाला और ढोल-नगाड़ों के साथ अपनी खुशी जाहिर की।
सबसे ज्यादा भीड़ 1090 चौराहे पर देखी गई, जहां समाजवादी छात्र सभा, NSUI, AISA और SFI के साथ लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा इको गार्डन, परिवर्तन चौक और हजरतगंज के महात्मा गांधी प्रतिमा वाले इलाके में भी प्रदर्शनकारी जुटे। जश्न के दौरान छात्रों ने मिठाइयां और टॉफियां बांटीं और कई जगह पोस्टर व बैनर फाड़कर अपनी जीत का ऐलान किया।
इस पूरे घटनाक्रम पर अलग-अलग नेताओं ने अपनी राय रखी। नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने इको गार्डन में प्रदर्शन का नेतृत्व किया और इसे युवाओं की नैतिक जीत बताया, हालांकि उन्होंने शिक्षा नीति में बदलाव की मांग भी की। वहीं उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने कांग्रेस मुख्यालय में मिठाइयां बांटीं और कहा कि यह विपक्ष और छात्रों के लगातार विरोध का नतीजा है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
दूसरी ओर, स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि सिर्फ एक इस्तीफे से काम नहीं चलेगा और प्रधानमंत्री को भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। यह पूरा विवाद 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुए लाठीचार्ज और पेपर लीक जैसे मुद्दों से जुड़ा था। धर्मेंद्र प्रधान ने खुद एक्स पर एक पत्र लिखकर अपने इस्तीफे की जानकारी दी और पिछले 10 दिनों की घटनाओं पर दुख जताया।
अब सरकार पेपर लीक के मामलों को रोकने और परीक्षा प्रणाली में भरोसा जगाने के लिए एक नया विधेयक लाने की तैयारी कर रही है, जिसमें दोषियों के लिए सख्त सजा का प्रावधान होगा।