UP के लखनऊ में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर छात्रों का जश्न, मेलोडी टॉफी बांटी और धरना रद्द किया

Lucknow: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में छात्रों ने जोरदार जश्न मनाया। राष्ट्रीय छात्र पंचायत और अन्य छात्र संगठनों ने इस खबर को अपनी जीत बताया और इको गार्डन समे

Lucknow: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में छात्रों ने जोरदार जश्न मनाया। राष्ट्रीय छात्र पंचायत और अन्य छात्र संगठनों ने इस खबर को अपनी जीत बताया और इको गार्डन समेत शहर के अलग-अलग हिस्सों में खुशी जाहिर की। इस खुशी के मौके पर छात्रों ने एक-दूसरे को मेलोडी टॉफियां बांटी और विरोध प्रदर्शन के लिए लगाए गए पोस्टर फाड़ दिए।

राष्ट्रीय छात्र पंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवम पांडेय, जो मूल रूप से गोंडा जिले के इटियाथोक के रहने वाले हैं, ने शनिवार देर शाम करीब 6:20 बजे लखनऊ पहुंचकर कार्यकर्ताओं के साथ यह जश्न मनाया। इस इस्तीफे के बाद संगठन ने 26 जुलाई 2026 को होने वाले अपने धरने और प्रदर्शन को रद्द कर दिया है। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) जैसे अन्य छात्र समूहों ने भी इस कदम का स्वागत किया है।

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर बताया कि वह लंबे समय से शिक्षा सुधारों के लिए काम कर रहे थे। उन्होंने माना कि 3 मई 2026 की NEET-UG परीक्षा में कुछ गड़बड़ियां हुई थीं, जिस पर सरकार ने तुरंत सीबीआई जांच कराई और परीक्षा रद्द कर नई तारीख तय की। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगले साल से यह परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में होगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

राजनीतिक गलियारों में भी इस इस्तीफे की चर्चा रही। बसपा प्रमुख मायावती ने इस फैसले का स्वागत करते हुए मांग की कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज FIR वापस ली जाएं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी टिप्पणी की। दूसरी ओर, CJP ने इसे पहली जीत तो माना है, लेकिन उनकी कुछ मांगें अभी भी बाकी हैं। संगठन ने पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने और लाठीचार्ज के लिए पुलिस और RAF से माफी मांगने की मांग की है।