UP: लखनऊ शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनके काटने की घटनाओं को रोकने के लिए नगर निगम अब हाई-टेक तरीका अपनाने जा रहा है। जून के पहले हफ्ते से उन कुत्तों के शरीर में माइक्रोचिप लगाई जाएगी जिनकी नसबंदी होगी या जो
UP: लखनऊ शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनके काटने की घटनाओं को रोकने के लिए नगर निगम अब हाई-टेक तरीका अपनाने जा रहा है। जून के पहले हफ्ते से उन कुत्तों के शरीर में माइक्रोचिप लगाई जाएगी जिनकी नसबंदी होगी या जो ज्यादा आक्रामक हैं। यह चिप चावल के दाने जितनी छोटी होगी जिससे कुत्तों का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल तरीके से रखा जा सकेगा।
माइक्रोचिप कैसे काम करेगी और क्या होगी इसमें जानकारी
यह माइक्रोचिप इंजेक्शन के जरिए कुत्ते के गले के पास लगाई जाएगी। इसे 10 मीटर की दूरी से स्कैन किया जा सकेगा। चिप में यह जानकारी होगी कि कुत्ते की नसबंदी हुई है या नहीं, उसे किस इलाके से पकड़ा गया था और वापस कहाँ छोड़ा गया। एक कुत्ते में यह चिप लगाने का खर्च करीब 300 से 400 रुपये आएगा। नगर निगम का लक्ष्य हर साल 10,000 कुत्तों को चिप लगाने का है।
डॉग बाइट और खतरनाक कुत्तों के लिए क्या हैं नए नियम
नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा के मुताबिक, अगर किसी माइक्रोचिप वाले कुत्ते के बार-बार काटने की शिकायत मिली, तो उसे हमेशा के लिए शेल्टर होम में रख दिया जाएगा। नए नियमों के तहत काटने वाले कुत्ते को 10 दिन ABC केंद्र में रखकर निगरानी की जाएगी और उसका टीकाकरण किया जाएगा। लखनऊ में फिलहाल 1.10 लाख से ज्यादा आवारा कुत्ते हैं और 27 इलाकों को डेंजर जोन माना गया है।
कुल कितने कुत्तों को कवर करेगा नगर निगम
अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविंद कुमार राव ने बताया कि इस अभियान से नसबंदी के काम में पारदर्शिता आएगी। नगर निगम का लक्ष्य शहर के 1.2 लाख से ज्यादा आवारा कुत्तों में माइक्रोचिप लगाना है। इस पूरी योजना को दो साल में पूरा करने का लक्ष्य है, जिस पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। साथ ही अब पालतू कुत्तों के लिए लाइसेंस लेना भी जरूरी कर दिया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
माइक्रोचिप लगाने से क्या फायदा होगा?
इससे कुत्तों की नसबंदी का डिजिटल रिकॉर्ड रहेगा और अगर कोई कुत्ता किसी को काटता है, तो चिप स्कैन करके उसकी पहचान तुरंत हो जाएगी।
क्या सभी आवारा कुत्तों को चिप लगाई जाएगी?
नगर निगम का लक्ष्य 1.2 लाख से ज्यादा कुत्तों को कवर करना है, जिसमें मुख्य रूप से नसबंदी वाले और आक्रामक कुत्तों को प्राथमिकता दी जाएगी।